किसी के घर का पता पूछने की नहीं होगी जरूरत
यूनिक आईडी कोऑर्डिनेट सिस्टम से जोड़े जा रहे सभी भवन
डिजिटल तकनीक से पहुंचें किसी के भी घर
~अनुज चौधरी

बिजनौर। आने वाले समय में बिजनौर शहर में आने पर किसी के घर का पता पूछने की जरूरत नहीं होगी। डिजिटल के दौर में मैपिंग के सहारे किसी के भी घर पहुंचा जा सकेगा। तमाम सुविधाएं बढ़ेंगी। बिजनौर शहर में नगर पालिका की ओर से सभी भवन यूनिक आईडी कोऑर्डिनेट सिस्टम से जोड़े जा रहे हैं। इसके लिए शहर भर में मैपिंग का काम चल रहा है।
बिजनौर नगर पालिका धीरे-धीरे डिजिटल की ओर बढ़ती नजर आ रही है। आने वाले समय में मैपिंग नंबर से बिजनौर शहर में किसी के भवन तक पहुंचना आसान हो जाएगा। पूर्व में जियोग्राफिक इंफार्मेशन सिस्टम सर्वे से भी टैक्स की दृष्टि से शहर के भवनों की पहचान की जा चुकी है। विभागीय जानकारी के अनुसार मैपिंग में शहर में कितने भवन हैं और उनका स्वरूप क्या है, इसका पूरा खाका बनाया जा रहा है।

शहर के सभी भवनों को डिजिटल पहचान
शहर के सभी भवनों को डिजिटल पहचान दी गई है। इसके लिए पालिका ने प्रत्येक भवन की यूनिक आईडी बनाई है। सरकारी अर्द्धसरकारी और निजी भवनों की यूनिक आईडी के साथ ही इनको कोआर्डिनेट सिस्टम से भी जोड़ा जा रहा है। को आर्डिनेट सिस्टम से शहर के प्रत्येक भवन का नंबर जारी किया जा रहा है। अगर कोई कोआर्डिनेट सिस्टम के मैपिंग नंबर को ट्रेस करता है तो गूगल उस भवन तक पहुंचाएगा, हालांकि इसे पूरा होने में अभी थोड़ा समय लगेगा।
■ फिलहाल यूनिक आईडी से कूड़ा कलेक्शन की सुविधा होगी मुहैया
■ यूनिक आईडी से ही गूगल मैप के जरिए घरों तक पहुंचना होगा आसान
शहर में जारी तीन कैटेगरी में नंबर
यूनिक आईडी नंबर से आसानी से ये भी पता चल पाएगा कि कौन सी संपत्ति आवासीय है और कौन सी संपत्ति व्यवसायिक है या फिर किसी अन्य श्रेणी में आती है। शहर में तीन कैटेगरी में ये नंबर जारी किए गए हैं। इसके अलावा अगर कोई अपना मकान बदलता है तो उसकी यूनिक आईडी नहीं बदलेगी। एक से अधिक मकान प्रतिष्ठान होने पर अभी तक पालिका अगल अलग नंबर देती थी लेकिन अब एक बार यूनिक आईडी जारी होने के बाद यह हमेशा के लिए बनी रहेगी।
सेनेटरी इंस्पेक्टर गोविंद चौधरी ने बताया कि शहर के भवनों की यूनिक आईडी बनाई जा चुकी है इसके साथ ही कोआर्डिनेट सिस्टम से प्रत्येक भवन को जोड़ा गया है। कोआर्डिनेट सिस्टम के तहत प्रत्येक भवन का मैपिंग नंबर भी जारी किया जाएगा। मैपिंग का काम तीव्र गति से चल रहा है।
मिल पाएंगी कई तरह की सुविधाएं
मकान मालिक को ई गर्वर्नेस से जुड़ी 24 सेवाएं घर पर लगे यूनिक डिजिटल प्लेट को स्कैन करने से बड़ी आसानी से मिल जाएगी। यूनिक नंबर से प्रापर्टी टैक्स, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, नल कनेक्शन, नामांतरण, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड की आपातकालीन सेवाएं घर बैठे मिल सकेंगी। घर की जरूरी पहचान होने से डोर टू डोर डिलीवरी भी आसानी से हो सकेगी। मैपिंग पूरी होने पर गूगल मैप पर भी घर की सही लोकेशन लोगों को पता चल सकेगी।
डिजिटल की दिशा में बिजनौर नगरपालिका तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी भवनों की यूनिक आईडी के साथ ही इनको कोआर्डिनेट सिस्टम से भी जोड़ा जा रहा है। मैपिंग का कार्य जून तक पूरा होने की उम्मीद है। ~विकास कुमार, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका परिषद, बिजनौर
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