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01 जून से उत्तर प्रदेश में शासनादेश लागू

पान मसाला खाने वालों के लिए बुरी खबर, योगी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

अब एक ही दुकान पर नहीं मिलेगा तंबाकू और पान मसाला

सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ। पान मसाला और तंबाकू का सेवन करने वालों के लिए बुरी खबर है. उत्तर प्रदेश में अब एक ही दुकान पर पान मसाला और तंबाकू की बिक्री पर रोक लगा दी गई है. यह जानकारी एक अधिसूचना में देते हुए बताया गया है कि आदेश 01 जून 2024 से प्रभावी होगा. 

अधिसूचना में कहा गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत प्रतिपादित खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध एवं निर्बन्धन) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 में किसी भी खाद्य पदार्थ में तम्बाकू एवं निकोटिन को एक अवयव के रूप में प्रयोग किया जाना प्रतिबन्धित किया गया है, जिसके क्रम में ही उत्तर प्रदेश राज्य की सीमा में तम्बाकूयुक्त पान-मसाला/गुटखा के विनिर्माण / पैकिंग, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय पर दिनांक 01.04.2013 से प्रतिबन्ध लगाया गया है. उक्त विनियम 2:3.4 से तम्बाकू का प्रभावी अपमिश्रक (Potential Adulterant) होना सिद्ध है.

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का अनुपालन

अधिसूचना में कहा गया है कि संज्ञान में आया है कि विभिन्न पान-मसाला निर्माण इकाईयों द्वारा तम्बाकू का भी निर्माण पान-मसाला के ही ब्राण्डनेम अथवा किसी अन्य ब्राण्डनेम से किया जा रहा है तथा पान-मसाला के पाउच के साथ ही तम्बाकू के भी पाउच भण्डारित एवं विक्रय किए जा रहे हैं. उच्चतम न्यायालय द्वारा Transfer Case (Civil) No. 1/2010 titled as Central Arecanut
Marketing Copn. & ors. Vs. Union of India में पारित आदेश दिनांक 23.09.2016 में उक्त विनियम 2.3.4 का अनुपालन पूर्णतः कराए जाने का आदेश पारित किया है. विनिर्माण इकाईयों द्वारा अपने ब्राण्ड के पान-मसाला के साथ ही तम्बाकू का निर्माण, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय करने से उपरोक्त विनियम एवं मा. उच्चतम न्यायालय के आदेश की मूल भावना का अनुपालन नहीं हो पा रहा है.

अधिसूचना में आदेशित किया गया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 (2) (a) में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत एतत द्वारा एक ही परिसर में समान ब्राण्डनेम अथवा भिन्न ब्राण्डनेम से प्रभावी अपमिश्रक तम्बाकू निकोटिन के साथ पान-मसाला का विनिर्माण / पैकिंग, भण्डारण, वितरण एवं विक्रय दिनांक 01.06.2024 से प्रतिबन्धित किया जाता है.

पान मसाला और तंबाकू खाने से होते हैं ये नुकसान

तंबाकू और पान मसाला का सेवन न केवल स्वयं के लिए हानिकारक है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसके नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं. इसलिए, इनके सेवन से बचना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है. पान मसाला और तंबाकू के सेवन से होने वाले नुकसान बहुत गंभीर और व्यापक होते हैं :

कैंसर: पान मसाला और तंबाकू के सेवन से मुंह, गला और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

मुंह की समस्याएं: तंबाकू और पान मसाला के सेवन से मुंह में छाले, घाव, और मसूड़ों की बीमारी (पेरिओडॉन्टल डिजीज आदि) हो सकती है. इससे दांत भी खराब हो सकते हैं.

दिल की बीमारियां: तंबाकू के सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जैसे हृदयाघात (हार्ट अटैक) और उच्च रक्तचाप.

श्वास संबंधी समस्याएं: तंबाकू के सेवन से फेफड़ों की क्षमता कम हो जाती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई, ब्रोंकाइटिस, और अस्थमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

पाचन तंत्र की समस्याएं: पान मसाला और तंबाकू के सेवन से पेट में अल्सर और पाचन तंत्र से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं.

प्रजनन स्वास्थ्य: तंबाकू का सेवन पुरुषों और महिलाओं दोनों के प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है. इससे पुरुषों में नपुंसकता और महिलाओं में गर्भपात और जन्मजात विकृतियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है.

मस्तिष्क पर असर: तंबाकू के सेवन से मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे याददाश्त कमजोर हो सकती है और मानसिक तनाव बढ़ सकता है.

व्यसन (लत): तंबाकू और पान मसाला में निकोटिन होता है, जो अत्यधिक लत लगाने वाला पदार्थ है. इससे इसे छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है.

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव: तंबाकू के सेवन से न केवल स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि इसके कारण आर्थिक समस्याएं भी होती हैं, जैसे कि इलाज पर खर्च और काम करने की क्षमता में कमी.

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