30 जून तक हो सकेंगे तबादले
यूपी में नई तबादला नीति लागू
लखनऊ। लोकसभा चुनाव के चलते लगी आचार संहिता हटने के बाद योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नई तबादला नीति को मंजूरी दे दी। इस नीति के तहत विभागाध्यक्ष 30 जून तक तबादला कर सकेंगे। इसके बाद तबादला करने के लिए मुख्यमंत्री से अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में यह फ़ैसला हुआ। बैठक में नई ट्रांसफर नीति समेत 41 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इसमें से 26 प्रस्ताव जल संसाधन मंत्रालय के हैं।

आठ जून को हुई मंत्रियों की बैठक में दोनों डिप्टी सीएम दिल्ली में होने के चलते शामिल नहीं हो पाए थे। मंगलवार की बैठक में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक मौजूद रहे जबकि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य इस बार भी शामिल नहीं हुए। बताया जा रहा है कि वह अभी भी दिल्ली में हैं।
कैबिनेट से तबादला नीति मंजूर होने के बाद आज ही शासनादेश जारी करने की तैयारी है। इस बार विभागाध्यक्षोंं को सिर्फ 19 दिन ही तबादले का अधिकार रहेगा, जो सभी विभागाध्यक्ष 30 जून तक ही कर सकेंगे। जिले में तीन और मंडल में सात साल वाले तबादले के दायरे में आएंगे। नई नीति के तहत समूह ‘क’ और ‘ख’ कर्मचारियों की कुल संख्या के अधिकतम 20 प्रतिशत तक तबादले किए जा सकेंगे। वहीं समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10 प्रतिशत तक तबादले करने की अनुमति होगी। नई नीति में यह भी प्रावधान किया गया है कि अगर कोई विभाग समूह ग और घ में निर्धारित 10 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों का तबादला करना चाहता है, तो इसके लिए विभागीय मंत्री की इजाजत लेनी होगी।

इसमें अधिकतम 20 प्रतिशत कर्मचारियों का तबादला किया जा सकेगा। इन तबादलों में उन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात हैं। तबादला नीति में कहा गया है कि समूह ख और ग कर्मचारियों के ट्रांसफर में जहां तक संभव हो सके मेरिट बेस्ड ऑनलाइन ट्रांसफर सिस्टम से किया जाए। नीति के तहत असमर्थ दिव्यांग बच्चों के माता-पिता से तैनाती के लिए विकल्प लिया जाए। ऐसे कर्मचारियों का तबादला उन जगहों पर किया जाए, जहां उनकी उचित देखभाल हो सके और इलाज किया जा सके।
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