10 महीने से सफाई कर्मियों को नहीं दिया गया वेतन
डीएम को शपथ देकर अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक पर लगाए गंभीर आरोप
रिश्वत लेकर ठेके पर रखे आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी!
बिजनौर। नगर पालिका परिषद बिजनौर इन दिनों विवादों के बीच घिरी हुई है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक पर लगातार गंभीर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि नगर पालिका परिषद बिजनौर के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार व सरकारी सफाई निरीक्षक गोविंद चौधरी ने अनुसूचित जाति के गरीब अनपढ़ व्यक्तियों से आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों को ठेके में नौकरी पर रखने के नाम पर 40-40 हजार रुपए लेकर ठेके की नौकरी में रखा है। आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि, दस महीने से सफाई कर्मचारी कार्य कर रहे हैं और आज तक उन्हें कोई वेतन नहीं दिया गया। परेशान होकर छह महिला आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने शपथ पत्र लगाकर अधिशासी अधिकारी विकास कुमार और सफाई निरीक्षक गोविंद चौधरी की जिलाधिकारी अंकित कुमार अग्रवाल से शिकायत की। उक्त अधिकारियों की निरंतर शिकायतों के बाद भी प्रशासन इन पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है।

गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद के अधीन नुमाइश ग्राउंड स्थित कान्हा गौशाला में दर्जनों गौवंश के मरने व उन्हें घायल अवस्था में दफनाने का आरोप भी लग चुका है। हाल ही का यह प्रकरण चर्चा का विषय बना रहा था। उधर सोशल मीडिया पर भाजपा नगर मंत्री एडवोकेट कुलदीप सिंह ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट करते हुए यह सभी शपथ पत्र पोस्ट किए हैं और अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। जिलाधिकारी को शपथ पत्र सौंपने वाली आउटसोर्सिंग महिला सफाई कर्मचारियों में मीना पत्नी महेश, नीलम पत्नी अमित, शीला पत्नी शौकीन, प्रीति देवी पत्नी जोगेंद्र, रीना पत्नी मुनेश निवासी मुकरपुर खेमा उर्फ बुखारा, आशू पत्नी धर्मेंद्र निवासी मोहल्ला जाटान बी-4 शामिल रहीं। इन सभी ने अधिशासी अधिकारी और सफाई निरीक्षक पर ठेके की नौकरी पर रखने के नाम पर 40-40 हजार रुपए लेने व उनका दस महीनों से वेतन नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए शपथ पत्र सौंपा।
इस संबंध में जब नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी विकास कुमार से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है। डूडा विभाग में सीएलसी के माध्यम से आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी रखे जाते हैं। उन्होंने उन पर लग रहे आरोपों को निराधार बताया।
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