अखिलेश का केशव प्रसाद मौर्य को मॉनसून ऑफर
100 लाओ, सरकार बनाओ
लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी में रार है जारी, तंज कसने में पीछे नहीं अखिलेश
मानसून ऑफर : 100 लाओ सरकार बनाओ
लखनऊ (पंचदेव यादव)। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केशव प्रसाद मौर्य का नाम लिए बिना बड़ा ऑफर दिया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया साइट X पर पोस्ट कर कहा कि मानसून ऑफर है 100 लाओ, सरकार बनाओ।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को लेकर तंज कस रहे हैं। इस बार उन्होंने बिना केशव प्रसाद मौर्य का नाम लिए एक्स हैंडल पर पोस्ट कर कहा कि मॉनसून ऑफर है 100 लाओ, सरकार बनाओ। गुरुवार सुबह ऑफिशियल हैंडल पर सपा मुखिया की पोस्ट को केशव प्रसाद मौर्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

अखिलेश यादव ने बुधवार को पोस्ट में कहा था कि यूपी बीजेपी में कुर्सी की लड़ाई चल रही है। उत्तर प्रदेश में शासन प्रशासन ठंडे बस्ते में चला गया है। तोड़फोड़ की राजनीति का काम जो भाजपा दूसरे दलों में करती थी, वही काम उसके अंदर चल रहा है। बीजेपी अंदरूनी झगड़ों के दलदल में धंसती जा रही है। बीजेपी में कोई भी यूपी की जनता के बारे में सोचने वाला नहीं है। वहीं देर रात को रात को अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि लौट के बुद्धू घर वापस आए। हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने भी पलटवार कर कहा कि बीजेपी की देश और प्रदेश दोनों जगह मजबूत संगठन और सरकार है। सपा का पीडीए धोखा है। यूपी में सपा के गुंडाराज की वापसी संभव है। बीजेपी 2027 विधानसभा चुनाव में 2017 दोहराएगी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 में यूपी में भारतीय जनता पार्टी को मात्र 33 सीटों पर जीत मिली। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की। 37 सीटों पर जीत कर समाजवादी पार्टी यूपी की राजनीति में नंबर वन बन गई, जबकि सहयोगी कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके बाद से लगातार भाजपा में मंथन और दिल्ली से लेकर लखनऊ तक बैठकों का दौर चल रहा है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात कर चुके हैं। वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव लगातार भाजपा के भीतर गहराई राजनीति को लेकर बयान जारी कर रहे हैं।
विधानसभा का गणित?
उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े के लिए 202 विधायकों का समर्थन होना जरूरी है। वर्तमान में 251 विधायकों के साथ इस समय भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ा दल है। समाजवादी पार्टी के पास 105, अपना दल सोनेलाल के पास 13, राष्ट्रीय लोक दल के पास आठ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के पास 6, निषाद पार्टी के पास पांच, जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के पास दो, कांग्रेस के पास दो और बहुजन समाज पार्टी के पास एक विधायक हैं। पार्टी को तोड़ने के लिए दो-तिहाई विधायक जरूरी होते हैं। ऐसे में अगर भारतीय जनता पार्टी के 100 विधायकों के साथ केशव प्रसाद मौर्य अलग गुट बनाकर अखिलेश यादव से मिलते हैं तो फिर वह सरकार बना सकते हैं। क्योंकि भाजपा को तोड़ने के लिए कम से कम 167 विधायकों का एक तरफ आना जरूरी होगा। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पाला बदलने वाले विधायकों पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।

Leave a comment