गिरवी जमीन छुड़ाने के लिए किया चचेरे भाई का अपहरण
तीन फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
गुड वर्क: धामपुर से किडनैप बच्चा गाजियाबाद में बरामद
बिजनौर। गिरवी जमीन छुड़ाने के लिए एक युवक ने अपने तीन दोस्तों के साथ चचेरे भाई का अपहरण किया था। पुलिस ने गाजियाबाद से मुख्य आरोपी को दबोचने के साथ ही बालक को सकुशल बरामद कर लिया है। एसपी अभिषेक झा ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की है।
दिनदहाड़े उठा ले गए थे घर के ही पास से …
शुक्रवार की दोपहर मीमला निवासी आशुतोष का 11 वर्षीय पुत्र शशांक शिखर शिशु सदन स्कूल धामपुर से पढ़ कर घर आ रहा था। स्कूल की वैन ने रोज की भांति दो बजे गांव की परचून की दुकान पर चार बच्चों को उतार दिया। इसमें से तीन बच्चे अपने घर पहुंच गये, लेकिन शशांक अपने घर नहीं पहुंचा। पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर चार अभियुक्तों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। धामपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों को चैक किया तथा आसपास के लोगों से पूछताछ की। एसपी अभिषेक झा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर बच्चे की बरामदगी के लिए तीन टीमों का गठन किया। धामपुर पुलिस व स्वाट सर्विलांस टीम द्वारा सीसीटीवी कैमरे की मदद से पहचान में आये अर्जुन तोमर पुत्र मान सिंह निवासी विवेकानंद नगर गाजियाबाद मूल निवासी गांव मऊ खास थाना मुडाली जनपद मेरठ को गिरफ्तार करने के साथ ही अपहृत शशांक को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से तीन अन्य साथी फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं ।

पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा के अनुसार आरोपी अर्जुन तोमर ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2021 में उसने बीसीए की पढाई IMSVC कॉलेज से की थी। साथ गौरव चौहान पुत्र मनोज चौहान निवासी ग्राम मीमला थाना धामपुर जनपद बिजनौर भी पढता था। गौरव से दोस्ती होने के बाद एक दूसरे के घर आना जाना था। दोस्त गौरव ने बताया कि जमीन गिरवी रखकर हमने कर्जा लिया है। घर से नौकरी करने का दबाव बनने लगा, लेकिन नौकरी नहीं लगी। गौरव ने बताया कि उसकी जमीन गाँव में ही उसके चाचा आशुतोष चौहान के पास गिरवी रखी है। उनसे मेरे पापा ने 17 लाख रुपए कर्जा ले रखा है।

चचेरे भाई शशांक के अपहरण की योजना
सूर्य प्रताप उर्फ सूरज, निराला पुत्र दिनेश कुमार निवासी ग्राम मीमला, गौरव चौहान पुत्र मनोज कुमार निवासी ग्राम मीमला, बल्ली सिंह निवासी कानपुर ने मिलकर गौरव के चचेरे भाई शशांक के अपहरण की योजना बनाई। आरोपी अर्जुन तोमर ने बताया कि टाटा पंच गाड़ी से अपने दोस्तों के साथ मिलकर शुक्रवार की दोपहर आशुतोष के बेटे का अपहरण कर लिया। सूर्य प्रताप उर्फ सूरज निराला ने सारी घटना की रेकी की थी और शशांक के अपहरण के पश्चात सूरज निराला रास्ते में ही गाड़ी से उतर गया था। तीनों दोस्त शशांक को लेकर गाजियाबाद के लिये जा रहे थे। रास्ते में शशांक पेशाब करने को कहने लगा तो ग्राम दुजाना के जंगल में सड़क के किनारे गाड़ी को रोका। तभी पुलिस ने पकड़ लिया, जबकि गाड़ी में बैठे दो साथी बल्ली व गौरव मौके से गाड़ी सहित फरार हो गये। उसने बताया कि फिरौती की मांग फेसबुक के माध्यम से आशुतोष के फेसबुक पर कॉल व मैसेज से की थी पर उसने कॉल व मैसेज का कोई उत्तर नहीं दिया। जिस फोन से आशुतोष को फेसबुक के माध्यम से काल की थी, वह फोन गाड़ी में ही था, जो अब उसके साथियों के पास है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह अपहरण फिरौती के लिये किया था। फिरौती मिलने पर उसमें से एक लाख रुपए गौरव को तथा कुछ रुपए सूर्य कुमार व बल्ली सिंह को भी देने की बात तय हुई थी। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपए के पुरस्कार की घोषणा की है। गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी अमित कुमार, प्रभारी निरीक्षक धामपुर किशन अवतार, हेड कांस्टेबल विशाल चिकारा, प्रवेंद्र कुमार आदि शामिल रहे।
गौरव के परिवार के हालात बेहद खराब
शशांक की मां के अनुसार उसकी शादी गौरव चौहान के परिवार ने ही कराई थी। शशांक की मौसी की शादी गौरव के परिवार में हुई है। गौरव, शशांक की मौसी की ननद का बेटा है। गौरव ने नोएडा से बीसीए की पढ़ाई की है। उसे नौकरी नहीं मिली, वह बेरोजगार है। वह शेयर मार्केट में अच्छी खासी रकम गंवा चुका है। गौरव के परिवार के हालात इतने खराब हैं कि उन्होंने अपनी जमीन शशांक के परिवार को ठेके पर दे रखी है। गौरव के परिवार पर शशांक के परिवार के 17 लाख रुपए उधार भी हैं।
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