पासपोर्ट सत्यापन के एवज में मांगे थे 2000 रुपए
पीड़ित की शिकायत पर LIU ऑफिस में विजिलेंस की छापामार कार्रवाई
रिश्वत लेते एलआईयू इंस्पेक्टर और कांस्टेबल विजिलेंस के हत्थे चढ़े
रामनगर (नैनीताल)। भ्रष्टाचार और घूसखोरी के खिलाफ सतर्कता विभाग की कार्रवाई के क्रम में पासपोर्ट सत्यापन के एवज में 2000 रुपए रिश्वत की मांग करने वाले रामनगर एलआईयू के इंस्पेक्टर समेत दो कार्मिकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार उप निरीक्षक सौरभ राठी और हेड कॉन्स्टेबल गुरप्रीत सिंह एलआईयू की रामनगर यूनिट में तैनात हैं। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।

शनिवार को पुलिस उपाधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, सेक्टर हल्द्वानी नैनीताल अनिल सिंह मनराल के पर्यवेक्षण और निरीक्षक ललिता पांडे के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने एक शिकायत पर रामनगर में तैनात उपनिरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) एलआईयू सौरभ राठी और मुख्य आरक्षी (हेड कॉन्स्टेबल) एलआईयू गुरप्रीत सिंह को शिकायतकर्ता से 2 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

एक व्यक्ति ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी कि उसका पासपोर्ट बनाने के लिये सत्यापन अभिसूचना इकाई, रामनगर से होना था। सत्यापन कराने के एवज में उपनिरीक्षक सौरभ राठी द्वारा 2,500/- रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है। 19 जुलाई को पुनः उपनिरीक्षक से मिलने पर उनके द्वारा शिकायतकर्ता से 2000 रुपए रिश्वत देने को कहा गया। वह रिश्वत नहीं देना चाहता, बल्कि उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही चाहता है।

शिकायत पर पुलिस उपाधीक्षक अनिल सिंह मनराल द्वारा शिकायतकर्ता के शिकायती प्रार्थना पत्र की जांच कराने पर तथ्य सही पाए जाने पर निरीक्षक ललिता पाण्डे के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। शिकायतकर्ता से रिश्वत लेने पर ट्रैप टीम ने नियमानुसार कार्यवाही करते हुए 20 जुलाई को अभिसूचना इकाई रामनगर के उपनिरीक्षक सौरभ राठी एवं मुख्य आरक्षी गुरप्रीत सिंह को रंगे हाथो गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
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