प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए कम्पनी नामित
बीमा न कराने वाले अंतिम तिथि से 07 दिन पहले दें प्रार्थना पत्र
इफ्को-टोकियो जनरल इन्श्योरेंस को मिली फसल बीमे की जिम्मेदारी
बिजनौर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए इफ्को – टोकियो जनरल इन्श्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को नामित किया गया है। इसके लिए किसानों को प्रचार प्रसार कर इफ्को टोकियो से बीमा कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही कंपनी से बीमा न कराने वालों को अंतिम तिथि से 07 दिन पहले तक इससे संबंधित प्रार्थना पत्र देने की नसीहत भी की जा रही है।

जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि शासन द्वारा वर्ष 2023-24, 2024-25, 2025-26 खरीफ व रबी मौसम मे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना की कार्य योजना को जारी किया गया है। योजना के अन्तर्गत प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से अधिसूचित फसलों में खरीफ मौसम हेतु धान, उर्द मूंगफली तथा रबी मौसम हेतु अधिसूचित फसलें गेहूं, राई/सरसों, मसूर एवं आलू हैं। फसल की बुवाई न कर पाना, असफल बुवाई, फसल की मध्य अवस्था में क्षति, खड़ी फसल को प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कीटों से क्षति, ओलावृष्टि, जलभराव, बादल फटना, भूस्खलन, बिजली गिरने से क्षति, फसल कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिन की अवधि तक खेत में सुखाई हेतु रखी हुई फसल को ओलावृष्टि, चक्रवात, बेमौसम वर्षा, चक्रवाती वर्षा आदि के नुकसान के जोखिम को कवर किया गया है। यह योजना स्वैच्छिक आधार पर लागू की गई है। यदि ऋणी कृषक योजना में शामिल नहीं होना चाहते हैं तो ऐसी स्थिति में अपने बैंक शाखा स्तर पर बीमा कराने की अन्तिम तिथि से 07 दिन पहले तक योजनान्तर्गत प्रतिभागिता नहीं करने के सम्बन्ध में लिखित रूप से अवगत कराना होगा। गैर ऋणी कृषक अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड, फसल बुवाई का घोषणा पत्र, खतौनी की नकल, बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड के साथ निकट के कॉमन सर्विस सेन्टर (CSC) अथवा बैंक शाखा से फसल पर देय प्रीमियम अंश को जमा करते हुए अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं।

अन्तिम तिथि अब की गई 10 अगस्त 2024
निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा उत्तर प्रदेश कृषि भवन लखनऊ के आदेश में 01 अगस्त 2024 के द्वारा खरीफ मौसम योजना में भागीदारी की अन्तिम तिथि 31 जुलाई 2024 से बढ़ाकर शनिवार 10 अगस्त 2024 कर दी गई है। निर्धारित तिथि 10 अगस्त 2024 से पूर्व ही जमा की गई प्रीमियम पर क्षति पूर्ति की धनराशि देय है। इसके बाद जमा की गई धनराशि पर फसल बीमित नहीं हो सकेगी व क्षति पूर्ति की धनराशि देय नहीं होगी।
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