प्रशासनिक व कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम का जिले भर में 37 प्रतिष्ठानों पर छापा
उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार कार्रवाई
छापे की भनक लगते ही ताला डाल कर भाग निकले दुकानदार

बिजनौर। प्रशासनिक व कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीमों द्वारा बिजनौर, चांदपुर, धामपुर, नगीना तथा नजीबाबाद तहसील क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापा मारा गया। छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 37 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। वहीं उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 15 उर्वरकों के नमूने लिए गए। उधर बेगराजपुर चांदपुर में उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग जाने पर संबंधित दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश एवं जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया एवं उपजिलाधिकारी, चांदपुर तथा धामपुर की संयुक्त टीम द्वारा तहसील चांदपुर एवं धामपुर क्षेत्र में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई। वहीं जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत व उपजिलाधिकारी नगीना एवं नजीबाबाद की संयुक्त टीम द्वारा तहसील नगीना एवं नजीबाबाद क्षेत्र में आकस्मिक छापामार कार्रवाई की गई। इसी प्रकार उप कृषि निदेशक गिरीश चन्द, एवं उपजिलाधिकारी बिजनौर मनोज कुमार सिंह की संयुक्त टीम द्वारा तहसील बिजनौर में उर्वरक विक्रेता के प्रतिष्ठानों एवं गोदामों पर आकस्मिक छापामार की कार्रवाई की गई। छापामार कार्रवाई के दौरान कुल 37 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान/गोदाम में उपलब्ध यूरिया, डीएपी, एनपीके आदि उर्वरकों के स्टॉक का मिलान पीओएस मशीन व अभिलेखों के अनुसार किया गया तथा कुल 15 उर्वरकों के नमूने लिए गए।

जिला कृषि अधिकारी बिजनौर जसवीर सिंह तेवतिया ने बताया कि मेसर्स ग्रीन वैली ट्रेडर्स बेगराजपुर, मेसर्स नौबतराय होती प्रसाद चांदपुर द्वारा उर्वरक प्रतिष्ठान बन्द कर भाग जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। छापामार कार्रवाई के दौरान ओवर रेटिंग एवं मुख्य उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की टैगिंग आदि का कोई प्रकरण प्रकाश में नहीं आया।

निर्धारित दर पर किया जाए उर्वरक का वितरण
निरीक्षण के दौरान जसवीर सिंह तेवतिया, उर्वरक निरीक्षक/जिला कृषि अधिकारी बिजनौर द्वारा समस्त थोक/फुटकर/विनिर्माता उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में उर्वरकों की बिक्री बल्क में न करने एवं कृषक को उनकी जोत बही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये गए कि कृषकों को वितरित उर्वरकों की रसीद अवश्य उपलब्ध कराई जाए।
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