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बसपा, आरजेडी ने किया भारत बंद का समर्थन

NACDAOR ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए लिस्ट की जारी

आज भारत बंद: बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

नई दिल्ली / लखनऊ आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए भारत बंद का समर्थन बसपा, आरजेडी ने किया है। चिराग पासवान की पार्टी ने तो बंद का समर्थन किया, लेकिन जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी बंद के खिलाफ हैं।

अनुसूचित जाति (SC) व जनजाति (ST) आरक्षण में क्रीमीलेयर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ देश भर के विभिन्न संगठनों ने आज 21 अगस्त को ‘भारत बंद’ का  आह्वान किया है। दलित और आदिवासी संगठनों ने हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए मजबूत प्रतिनिधित्व और सुरक्षा की मांग को लेकर ये बंद बुलाया है। दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ (NACDAOR) ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए न्याय और समानता सहित मांगों की एक लिस्ट जारी की है।

बंद की वजह?

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के सात न्यायाधीशों की पीठ द्वारा दिए गए एक फैसले के प्रति दलित और आदिवासी संगठनों के राष्ट्रीय परिसंघ NACDAOR ने विपरीत दृष्टिकोण अपनाया है। उनके अनुसार यह इंदिरा साहनी जैसे ऐतिहासिक मामले में नौ न्यायाधीशों की पीठ के पहले के फैसले को कमजोर करता है, जिसने भारत में आरक्षण के लिए रूपरेखा स्थापित की थी। NACDAOR ने सरकार से इस फैसले को खारिज करने का आग्रह करते हुए तर्क दिया कि यह एससी और एसटी के संवैधानिक अधिकारों को खतरा पहुंचाता है। संगठन एससी, एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण पर संसद के एक नए अधिनियम के अधिनियमन की भी मांग कर रहा है, जिसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करके संरक्षित किया जाएगा। तर्क ये है कि इससे इन प्रावधानों को न्यायिक हस्तक्षेप से बचाया जा सकेगा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा।

जाति-आधारित डेटा को तत्काल हो जारी

NACDAOR ने सरकारी सेवाओं में SC/ST/OBC कर्मचारियों के जाति-आधारित डेटा को तत्काल जारी करने की भी मांग की है ताकि उनका सटीक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा समाज के सभी वर्गों से न्यायिक अधिकारियों और न्यायाधीशों की भर्ती के लिए एक भारतीय न्यायिक सेवा की स्थापना की भी मांग की जा रही है, जिसका लक्ष्य हायर ज्यूडिशियरी में SC, ST और OBC श्रेणियों से 50 फीसदी प्रतिनिधित्व लेना है। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार के विभागों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सभी बैकलॉग रिक्तियों को भरने का आह्वान किया है। निकाय ने कहा कि सरकारी प्रोत्साहन या निवेश से लाभान्वित होने वाली निजी क्षेत्र की कंपनियों को अपनी फर्मों में सकारात्मक कार्रवाई की नीतियां लागू करनी चाहिए। NACDAOR ने दलितों, आदिवासियों और ओबीसी से बुधवार को शांतिपूर्ण आंदोलन में भाग लेने की अपील की है।

ये हैं दो शर्त और मांग…

1. एससी के भीतर किसी एक जाति को 100% कोटा नहीं दिया जा सकता।
2. एससी में शामिल किसी जाति का कोटा तय करने से पहले उसकी हिस्सेदारी का पुख्ता डेटा होना चाहिए। इसके अलावा भारत बंद बुलाने वाले संगठनों की मांग है कि सुप्रीम कोर्ट कोटे में कोटा वाले फैसले को वापस ले या पुनर्विचार करे।

समर्थन में आरजेडी सहित कई दल

बसपा, आरजेडी और चिराग पासवान की पार्टी ने भी आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया है। वहीं जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी ने कहा कि वह बंद के खिलाफ हैं और इसका समर्थन नहीं करते। भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद, भारत आदिवासी पार्टी मोहन लात राउत का भी समर्थन मिल रहा है। समर्थन में कांग्रेस समेत कुछ पार्टियों के नेता भी हैं।

शांति बनाए रखने को कड़े उपाय

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पुलिस अधिकारियों ने बंद की तैयारी का आंकलन करने के लिए बैठक की। सभी संभागीय आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने  बैठक में भाग लिया। उन्हें बंद के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जिलों में अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात करने का निर्देश दिया गया है।

खुली रहेंगी इमरजेंसी सेवाएं

बंद के दौरान एम्बुलेंस, हॉस्पिटल और चिकित्सा सेवाओं सहित इमरजेंसी सेवाएं खुली रहेंगी। सरकारी दफ्तर, बैंक, पेट्रोल पंप, स्कूल और कॉलेज में सामान्य रूप से कामकाज होगा, वहीं सार्वजनिक परिवहन, रेल सेवाएं चालू रहेंगी।

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