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सनातन धर्म में इस अमावस्या का है खास महत्व

सोमवती अमावस्या पर सिद्ध और शिव योग का संयोग

~शैली सक्सेना, लखनऊ

Somvati Amavasya 2024: इस साल 02 और 03 सितंबर को सोमवती और भौमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन तर्पण, दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद आपको मिलता है। साथ ही सुख- समृद्धि का जीवन में वास बना रहता है। इतना ही नहीं ये दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए भी खास होता है। सोमवती अमावस्या के दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करना चाहिए, बड़े बुर्जुगों और महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। इस दिन शुभ और मांगलिक करना कार्य करना वर्जित है। पीपल और तुलसी के पत्ते तोड़ने से बचना चाहिए।

पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और इसके बाद दान करने का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिल जाती है। पंचांग के अनुसार इस बार भाद्रपद अमावस्या 02 सितंबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन सोमवार पड़ने की वजह से इसे सोमवती अमावस्या कहा जाएगा। कुछ क्षेत्रों में इसे भादो अमावस्या या भादी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।

तिथि और दान- स्नान का शुभ मुहूर्त…

ज्योतिष पंचांग के अनुसार भाद्रपद अमावस्या का मुहूर्त 02 सितंबर की सुबह 05:22 से 03 सितंबर की सुबह 07:25 बजे तक रहेगा। इस बीच में दान – स्नान किया जा सकता है।

बन रहे हैं दो शुभ योग

वैदिक पंचांग के अनुसार इस बार सोमवती अमावस्या को दो विशेष योग बन रहे हैं। एक है शिव योग और दूसरा है सिद्धि योग। ज्योतिष में इन योगों का विशेष महत्व है। इन योगों में पूजा का दोगुना फल प्राप्त होता है।

सोमवती अमावस्या का महत्व

सोमवती अमावस्या पर सूर्योदय से पहले नदी में स्नान करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में सुख – समृद्धि का वास बना रहता है। इस दिन तर्पण, दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं और उनका आशीर्वाद आपको मिलता है। ये दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए भी खास होता है। इस दिन जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करना चाहिए। सोमवती अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए भगवान भोलेनाथ की पूजा अचर्ना करती हैं। इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा और जल अर्पित करने से त्रिदेवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

1. ॐ पितृ देवतायै नम:

2. ॐ पितृ गणाय विद्महे जगतधारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्

(disclaimer: समस्त जानकारी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त कर प्रकाशित की गई है। newsdaily24 का इन पर कोई आधिकारिक दावा नहीं है।)

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