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अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा, छोटे क्रिएटर्स रह जायेंगे वंचित

सोशल मीडिया पर फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स के साथ व्यूज़ भी महत्वपूर्ण

नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाते समय कई बातों की अनदेखी

~ वरिष्ठ पत्रकार योगेन्द्र सिंह यूट्यूबर्स @yesnews1

बिजनौर। योगी सरकार की नई सोशल मीडिया पॉलिसी से जहां अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा, वहीं ऐसे छोटे क्रिएटर्स जो बिना किसी लालच के सरकार की नीतियों का प्रचार प्रसार कर रहे थे, उन्हें लाभ नहीं मिलेगा।

नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाते समय कई बातों पर ध्यान नहीं रखा गया। नई सोशल मीडिया नीति में सिर्फ सब्सक्राइबर और फॉलोअर्स पर ध्यान दिया गया है इसे ही लाभ देने का पात्रता बनाया गया है जबकि सब्सक्राइबर्स और फालोवर्स के साथ व्यूज की पात्रता निश्चित होनी चाहिए थी, जो नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स के साथ व्यूज़ महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे बहुत सारे चैनल हैं, जिनके फालोवर्स और सब्सक्राइबर्स तो काफी है लेकिन उनके चैनल पर राजनीतिक व सरकारी योजनाओ की पोस्ट व वीडियो को देखने वाले नहीं है अर्थात व्यूज नहीं है। इसी प्रकार फालोवर्स तो बहुत हैं लेकिन उनके आर्टिकल और वीडियो को देखने व लाइक करने वाले नाम मात्र हैं। सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत व्यूज को पात्रता में शामिल नहीं किया गया, जिससे अपात्र क्रिएटर्स को लाभ मिलेगा और पात्र लाभ से वंचित रह जाएंगे। व्यूज के अतिरिक्त सरकार को पॉलिसी में ऐसे क्रिएटर्स को भी शामिल करना चाहिए, जिन्होंने बिना किसी लालच के सरकार की नीतियों का प्रचार प्रसार किया है। क्रिएटर्स को सूचीबद्ध करने से पूर्व उनकी पोस्टों और वीडियो के व्यूज का अवलोकन करना चाहिए तभी उन्हें सूचीबद्ध कर लाभ दिया जाए।

सरकार का कहना है कि छोटे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना बनाई गई है। इस योजना से छोटे क्रिएटर्स को लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें लाभ मिलेगा, जिन्हें पहले से ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म संचालक और उद्योगपति लाभ दे रहे हैं। सरकार के सबका साथ सबका विकास नारे का यह सोशल मीडिया नीति मखौल उड़ा रही है। सरकार को अपनी नई सोशल मीडिया नीति पर पुनः विचार करना होगा, तभी सरकार की मंशा पूर्ण हो पाएगी। उदाहरण के तौर पर मान लीजिए यूट्यूब पर सिलाई कढ़ाई का एक चैनल है, जो सिलाई कढ़ाई में रुचि रखते हैं, वही उसे सब्सक्राइब करेंगे। अगर उस चैनल पर कोई राजनीतिक व सरकारी योजना से संबंधित पोस्ट या वीडियो डाल दिया जाए तो उसके सब्सक्राइबर उसे नहीं देखेंगे। तो फिर सरकार को सब्सक्राइबर से क्या फायदा होगा सरकार को ऐसे क्रिएटर्स को प्रोत्साहित करना चाहिए, जो सरकार की योजनाओं और राजनीतिक पोस्ट व वीडियो डालते हैं। अगर वह अपने चैनल पर सरकार की किसी नीति का वीडियो या पोस्ट डालते हैं तो उसके सब्सक्राइबर उसे देखेंगे और लाईक व कमेन्ट भी करेंगे। नई नीति में जनपदवार क्रिएटर सूचीबद्ध किए जाएं, ताकि हर जिले के क्रिएटर को लाभ मिल सके। प्रोत्साहन राशि चाहे कम कर दी जाए लेकिन लाभ सबको मिलना चाहिए। इससे हर जिले की समस्याएं भी सरकार के पास आसानी से पहुंच पाएंगी। मेरे विचार से जो क्रिएटर्स सहमत है वह वीडियो को अधिक से अधिक शेयर व लाईक करें, ताकि योगी सरकार तक हमारी बात पहुंच सके। छोटे क्रिएटर से मेरा अनुरोध है कि आपके मन में अगर कोई विचार हो तो कमेंट करके अवश्य बताएं, ताकि मैं उस पर भी वीडियो बना कर आपकी आवाज को योगी सरकार के कानों तक पहुंचा सकूं। नई सोशल मीडिया नीति से संबंधित वीडियो का लिंक डिस्क्रिप्शन में दिया गया है।

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One response to “नई सोशल मीडिया पॉलिसी बनाते समय कई बातों की अनदेखी”

  1. Yogendra Singh Avatar
    Yogendra Singh

    thankssaxena ji

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