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उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाईः जसवीर सिंह तेवतिया

बिजनौर। जनपद में खरीफ फसलों की कटाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है। कुछ दिनों में रबी फसलों की बुवाई का कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। जनपद के किसानों को उर्वरकों की प्राप्ति में कोई समस्या ना आए इसके संबंध में उर्वरक निरीक्षक/जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में फास्फेटिक उर्वरक (डीएपी एनपीके, एस एस पी) एवं यूरिया उर्वरक उपलब्ध है।

उन्होंने बताया कि जनपद के सहकारी, गन्ना समिति और निजी निजी उर्वरक विक्रेताओं के केंद्रों एव बफर गोदाम पर क्रमश यूरिया 23522 मै. टन, डीएपी 5066 मै. टन, एनपीके 3191 मै. टन एवं एसएसपी 1628 मै. टन उपलब्ध है। रबी फसलों की बुवाई के लिए आवश्यक मांग के अनुसार उर्वरकों का वितरण करने को समस्त सहकारी एवं गन्ना समितियां एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि उर्वरकों के वितरण में कृषकों को आवश्यकता अनुसार एवं जोत बही तथा संस्तुति के आधार पर सुगमतापूर्वक उर्वरक का वितरण करें। साथ ही कृषक भाइयों से यह भी अपील है कि फसलों की बुवाई के लिए केवल डीएपी पर निर्भर न रहें। जनपद में पर्याप्त मात्रा में सिंगल सुपर फास्फेट भी उपलब्ध है। फसलों की बुवाई में उसका भी प्रयोग किया जाए। उन्होंने समस्त थोक एवं उर्वरक बिक्री केंद्रों को निर्देशित किया कि कृषकों की तत्कालीन आवश्यकता के अनुसार ही फास्फेटिक उर्वरकों, विशेषकर यूरिया, डीएपी, एनपीके, उर्वरक का वितरण निर्धारित दर पर किया जाए। बिना पोस मशीन के उर्वरकों का वितरण न किया जाए। किसी भी दशा में ऊर्वरकों की बिक्री बल्क में न की जाए एवं कृषक को उनकी जोतबही/खतौनी एवं फसलवार संस्तुति के अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि कोई भी उर्वरक विक्रेता निर्धारित दर से अधिक दर पर बिक्री करता हुआ एवं प्रचलित उर्वरकों के साथ-साथ अन्य उर्वरकों की टैगिंग करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत विधिक कार्रवाई अमल में लायी जाएगी। उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिये कि कृषकों को वितरित उर्वरकों की रसीद अवश्य उपलब्ध कराई जाए।

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