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खेल में अधिक संख्या में अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे हमारे प्रदेश के युवा

पूर्व रणजी खिलाड़ी ने सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजा पत्र

अन्य प्रदेश की भांति सभी खेलों की एक से अधिक हों टीम : मोहसिन रज़ा

"25 करोड़ की आबादी के उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिये अन्य प्रदेश की भांति सभी खेलों की एक से अधिक हों टीम": मोहसिन रज़ा,
पूर्व रणजी क्रिकेटर (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश खेल कल्याण संघ)

लखनऊ। पूर्व रणजी क्रिकेटर एवं उत्तर प्रदेश खेल कल्याण संघ के अध्यक्ष मोहसिन रज़ा ने कहा है कि 25 करोड़ की आबादी के उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर प्रदान करने के लिये अन्य प्रदेश की भांति सभी खेलों की एक से अधिक हों टीम होनी चाहिए।

पूर्व रणजी क्रिकेटर एवं उत्तर प्रदेश खेल कल्याण संघ के अध्यक्ष मोहसिन रज़ा ने जनसंख्या के आधार पर उ०प्र० की सहभागिता खेलों में बढ़ाए जाने हेतु प्रदेश की एक से अधिक (यथासम्भव) टीम बनाए जाने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा था। बताया कि दिनांक 17 जुलाई 2023 को व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री से सम्पर्क कर खेल एवं खिलाडियों के उत्थान हेतु प्रस्ताव विचारार्थ प्रस्तुत किया था।

पूर्व रणजी क्रिकेटर का कहना है कि आबादी के लिहाज से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा प्रदेश है। हमारा प्रदेश जिस प्रकार से सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है, उसी प्रकार पर्यटन के क्षेत्र में भी हम बहुत आगे हैं। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार में इसी साल हुए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में लाखों करोड़ के प्रस्ताव आए हैं। उसमें खेल के क्षेत्र में भी निवेश आए हैं, उन्हें धरातल पर उतारा जा रहा है। प्रदेश का युवा हर क्षेत्र में अपनी योग्यता का लोहा मनवा रहा है, यह सम्भावनाओं का प्रदेश है।

इसी प्रकार से खेल के लिहाज से भी सम्भावनओं का प्रदेश है। यहां का युवा खेल के क्षेत्र में अपनी पूर्ण क्षमता / ऊर्जा लगाता है। इसका जीता जागता प्रमाण हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से उ०प्र० में हुए खेल महोत्सवों और अभी हाल में खेलो इण्डिया अंतर्गत यूनिवर्सिटी गेम्स के तहत आयोजित खेलों में देखने को मिला। 25 करोड़ की आबादी वाले प्रदेश में बहुत बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं, जिन्हें हमारी सरकार के प्रयासों से खेलने का अवसर तो मिलता है लेकिन छोटे राज्यों की तुलना में उन्हें आगे बढ़ने का अवसर कम मिल पाता है। लिहाजा हमारे देश के सभी खेल बोर्डों और संघों से यह मांग है कि उत्तर प्रदेश की एक से अधिक टीमों को खेलने का अवसर दिया जाए। इससे हमारे प्रदेश के अधिक संख्या में युवा खेल में अपनी प्रतिभा दिखा सकेंगे और प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र से एक से अधिक टीमें रणजी किकेट खेलती हैं। इसी तरह का उदाहरण अन्य खेलों एवं राज्यों में भी देखने को मिलता है। यदि उ०प्र० की भी ज्यादा टीमें खेलती, तो निश्चित तौर पर राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारे प्रदेश से खेलने वाले खिलाड़ियों की संख्या अधिक रही होती। यह उ०प्र० के खिलाड़ियों के साथ न्याय होता।

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