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साइबर ठगों से सावधान रहने को यूपी पुलिस ने जारी किया OTP Scam पर जागरूकता VIDEO

किसी भी अज्ञात व्यक्ति से शेयर न करें अपना OTP: डीजीपी प्रशांत कुमार

प्रशांत कुमार डीजीपी उत्तर प्रदेश

OTP fraud: government issues warning to save you from fraud

https://x.com/Uppolice/status/1883497366545908019?t=MifxDzHsHrbSDAeRRJFHMg&s=19


लखनऊ/बिजनौर। महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आमजन को साइबर अपराध के प्रति जागरूक करने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा एक शॉर्ट फिल्म का निर्माण कराया गया है। इस फिल्म में प्रख्यात बॉलीवुड फिल्म अभिनेता संजय मिश्रा द्वारा शम्भू शिकारी नामक एक साधु महात्मा का रोल निभाया गया है।

ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) फ़्रॉड एक तरह की साइबर धोखाधड़ी है। इसमें स्कैमर्स लोगों को अपना ओटीपी बताने के 
लिए मनाते हैं। इससे फ़ाइनेंशियल अकाउंट में अनऑथराइज़्ड एक्सेस मिल जाता है और पैसे का नुकसान हो सकता है।

शॉर्ट फिल्म के जरिए से यह दिखाया गया है कि कैसे साइबर ठग शम्भू शिकारी को फोन करके उन्हे बताता है कि वह किसी वेबसाईट कि तरफ से बात कर रहा है तथा उन्होंने (साधु शम्भू शिकारी ने) लन्दन का ट्रिप जीता है, जिसमें उनकी कंपनी द्वारा शम्भू शिकारी के साथ एक अन्य व्यक्ति को मुफ़्त में लन्दन आने-जाने, घूमने फिरने, वहाँ पर खाने-पीने तथा ठहरने का सारा खर्च दिया जाएगा, जब शम्भू शिकारी द्वारा यह बताया जाता है कि उनके 02 शिष्य है तो कॉलर द्वारा उनको 03 लोगों को मुफ़्त में घूमने का ऑफर देकर उन 02 लोगों का नाम पूछकर, उनका नाम दर्ज करने के लिए OTP मांगा जाता है। इस पर साधू शम्भू शिकारी उसको 1930 और UP112 का नम्बर बताकर साइबर ठग को यह एहसास कराता है कि वह बाबा है कोई मूर्ख नहीं। अन्त में इस शॉर्ट फिल्म के जरिए से संजय मिश्रा आमजन को किसी से अभी अपना OTP शेयर नहीं करने एवं साइबर सेफ रहने की सलाह देते हैं।

साइबर अपराध से सुरक्षित रखने के लिए निरन्तर प्रयासरत है UP पुलिस

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) प्रशांत कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश पुलिस महाकुंभ के दृष्टिगत आने वाले श्रद्धालुओं तथा आमजन को साइबर अपराध से सुरक्षित रखने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। इस दिशा में आमजन को जागरूक एवं सचेत किया जा रहा है। इसी क्रम में पहली फिल्म Accommodation Scam पर बनाई गई थी तथा यह दूसरी फिल्म OTP Scam पर बनाई गई है। डीजीपी यूपी ने आमलोगों से अपील भी की है कि वह किसी भी अज्ञात व्यक्ति से अपना OTP शेयर नहीं करें।

ओटीपी फ़्रॉड से बचने के लिए, इन बातों का रखें ध्यान :

~ किसी भी अनजान नंबर से आने वाली कॉल या मैसेज पर बैंक की जानकारी, ओटीपी, कार्ड नंबर, और डेट ऑफ़ बर्थ जैसी निजी जानकारी न दें.
~ बैंक से जुड़े किसी भी नंबर को वेरिफ़ाई करने के लिए, बैंक की आधिकारिक वेबसाइट का इस्तेमाल करें.
~ अगर कोई अनजान नंबर से कॉल आए और कैशबैक या डिस्काउंट का लालच दिया जाए, तो सावधान रहें.
~ किसी के साथ बैंक की जानकारी शेयर करने से पहले, उसे सही तरीके से वेरिफ़ाई करें.
~ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें.

बातें कुछ खास…

  • ओटीपी फ्रॉड में साइबर अपराधी बैंक टोल फ्री नंबर का सहारा लेते हैं।
  • कई मामलों में साइबर अपराधी खुद को किसी वित्तीय संस्थान का अधिकारी बताते हैं।
  • साइबर अपराधी कई मामलों में खुद को पुलिस अधिकारी बताता है।
  • साइबर अपराधी लोगों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड की डिटेल, कार्ड नंबर, सीवीवी नंबर, ओटीपी नंबर और संवेदनशील जानकारी चुराते हैं।

बचाव में काम आएंगी ये टिप्स:

  • केंद्र सरकार की साइबर एजेंसी सीईआरटी-इन ने देश में बढ़ते ओटीपी फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। 
  • सरकारी एजेंसी ने कहा कि बीते कुछ समय में साइबर अपराधी कुछ खास तरह के लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। 
  • एजेंसी ने अपनी चेतावनी में कहा है कि लोगों की जरा सी गलती की वजह से साइबर अपराधियों के साथ पर्सनल बैकिंग डिटेल पहुंच सकती है। 
  • केंद्र सरकार की साइबर एजेंसी सीईआरटी-इन ने देश में बढ़ते ओटीपी फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। सरकारी एजेंसी ने कहा कि बीते कुछ समय में साइबर अपराधी कुछ खास तरह के लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। 
  • सरकारी एजेंसी ने कहा कि बीते कुछ समय में साइबर अपराधी कुछ खास तरह के लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। 
  • एजेंसी ने अपनी चेतावनी में कहा है कि लोगों की जरा सी गलती की वजह से साइबर अपराधियों के साथ पर्सनल बैकिंग डिटेल पहुंच सकती है। 

जनपद बिजनौर के सोशल मीडिया सेल ने जागरूकता अभियान के तहत बताया कि सीईआरटी-इन ने अपनी चेतावनी में कहा है कि किसी भी अंजान नंबर से आने वाली कॉल को नजरअंदाज करें।
फोन कॉल या मैसेज पर किसी के साथ भी पर्सनल जानकारी साझा नहीं करनी है. जैसे ओटीपी, कार्ड नंबर, कार्ड एक्सपायरी डेट और सीवीवी नंबर आदि।
अगर कोई अनजान नंबर से कॉल आए और उस पर किसी कैशबैक या डिस्काउंट ऑफर का लालच दिया जाए तो सावधान होने की जरूरत है, यह फ्रॉड हो सकता है।
किसी के साथ भी बैंक डिटेल साझा करने से पहले उसे सही तरीके से वेरिफाइ करें। हालांकि, बैंक की तरफ से कभी भी पर्सनल जानकारी नहीं मांगी जाती है।

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