आशियाना कॉलोनी सेक्टर – M के वंदे भारत पार्क में सात दिन हुआ आयोजन
वृंदावन से पधारी अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी निहारिका जी के वचनों से अमृत वर्षा
श्रीमद्भागवत कथा में भाव विभोर हो उठे श्रद्धालु

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के आशियाना कॉलोनी सेक्टर – M स्थित वंदे भारत पार्क में 07 अप्रैल 2025 से शुरू हो कर एक सप्ताह तक चली श्रीमद्भागवत कथा का समापन हो गया। कथा का आयोजन मुख्य यजमान तरुण शुक्ला जी द्वारा कराया गया। सोमवार को प्रातः पूर्णाहुति एवं कन्या पूजन उपरांत भंडारा का आयोजन किया गया।

कथा स्थल की समस्त व्यवस्थाओं की देखरेख में जुटे कुम्भरावा लखनऊ निवासी पंडित विमल मिश्र जी ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना हिन्दू धर्म में बहुत पुण्यदायी माना जाता है। यह मन को शांति और पवित्रता प्रदान करती है, और जीवन को सही दिशा में ले जाने में सहायक होती है।

इस अवसर पर पावन धाम वृंदावन से पधारी अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचिका देवी निहारिका जी के अमृत वचन सुन कर उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम में मुख्य यजमान तरुण शुक्ला सपरिवार के अलावा विजय दीक्षित एवं आशियाना कॉलोनी सेक्टर – M स्थित वंदे भारत पार्क के आसपास के निवासियों की भारी संख्या में उपस्थिति रही।

कुम्भरावा लखनऊ निवासी पंडित विमल मिश्र ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा एक हिन्दू धार्मिक कथा है, जो श्रीमद्भागवत पुराण पर आधारित होती है। इस कथा में मुख्य रूप से भगवान विष्णु के विभिन्न अवतारों, उनकी लीलाओं, और उनके भक्तों की कहानियों का वर्णन होता है। यह कथा ज्ञान, भक्ति, और वैराग्य के महत्व को दर्शाती है और श्रोताओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करती है।

उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा में निम्नलिखित मुख्य बातें होती हैं:
1. भगवान विष्णु के अवतारों का वर्णन: इसमें भगवान विष्णु के 24 मुख्य अवतारों की कथाएँ होती हैं, जैसे कि मत्स्य, कूर्म, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, आदि।

2. भगवान कृष्ण की लीलाओं का विस्तृत वर्णन: श्रीमद्भागवत का एक बड़ा भाग भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं, युवावस्था की लीलाओं, और उनके उपदेशों से भरा होता है।
3. भक्तों की कथाएँ: इसमें प्रह्लाद, ध्रुव, अजामिल, मीराबाई जैसे अनेक भक्तों की प्रेरक कहानियाँ होती हैं, जो भगवान के प्रति उनकी अटूट भक्ति को दर्शाती हैं।

4. ज्ञान और दर्शन: कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान, जीवन के उद्देश्य, मृत्यु और पुनर्जन्म, और मोक्ष के मार्ग जैसे विषयों पर प्रकाश डाला जाता है।
5. भक्ति योग का महत्व: श्रीमद्भागवत भक्ति योग को मोक्ष प्राप्ति का प्रमुख मार्ग बताती है और भगवान के प्रति प्रेम और समर्पण की महिमा का गान करती है।
6. सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व: यह कथा भारतीय संस्कृति, परंपराओं, और मूल्यों को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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