बेटी, दामाद समेत तीन गिरफ्तार, 60 लाख नकद बरामद
पति का कर्जा चुकाने को बेटी ने ही उड़ाए पिता के घर से लाखों रुपए
हरिद्वार। कोतवाली गंगनहर पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बेटी, दामाद और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इन तीनों पर अपने ही पिता के घर से लाखों रुपये की चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 60 लाख रुपये की नगदी, कीमती जेवरात, सप्लीमेंट के डिब्बे और घटना में इस्तेमाल की गई एक आई-20 कार बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, 10 अप्रैल को अम्बर तालाब, गंगनहर, हरिद्वार निवासी मौ. सरवर ने अपनी शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके अम्बर तालाब स्थित पुराने घर से लगभग 90 लाख रुपये की चोरी हो गई है। उन्होंने अपनी शिकायत में कुछ लोगों को नामजद भी किया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) द्वारा तत्काल कार्रवाई के निर्देश के बाद, कोतवाली गंगनहर और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी समेत तीन आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी किए गए लगभग 60 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।
जांच में पता चला कि इस चोरी की साजिश वादी (शिकायतकर्ता) की अपनी बेटी ने रची थी। पुलिस के मुताबिक, महिला का पहली शादी से तलाक हो चुका है और उसने वर्ष 2023 में अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ अजीम नाम के व्यक्ति से शादी कर ली थी। आरोपी अजीम एक जिम ट्रेनर है और रुड़की के ठैड चौक के पास पिछले 10-15 सालों से फूड सप्लीमेंट की दुकान चलाता है। अजीम को अपने व्यवसाय में भारी नुकसान हुआ था, जिसके कारण उसने बाजार से ब्याज पर पैसा उठाया और उस पर काफी कर्ज चढ़ गया था।
आरोपी महिला को अपने पति अजीम पर चढ़े कर्ज के बारे में जानकारी थी। महिला ने अपने पति को बताया था कि उसके पिता ने एक गोदाम बेचा है जिससे उन्हें लाखों रुपये मिले हैं। इस पर अजीम ने अपनी पत्नी से कहा कि वह अपने घरवालों से बात करके पैसों की मदद मांगे। महिला के पिता ने मदद का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कुछ समय बीतने के बाद भी परिवार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। आरोपी महिला को शक था कि उसका भाई उन्हें कुछ भी नहीं लेने देगा।
आरोपी महिला को पहले से ही पता था कि उसके पिता अपने पुराने मकान की पहली मंजिल में बने स्लैब में पैसे रखते हैं। उस मकान की चाबी हमेशा उसके पिता के पास ही रहती थी। इसके बाद आरोपी पति-पत्नी ने मिलकर घर में चोरी की योजना बनाई।

योजना के अनुसार, 10 अप्रैल को दोपहर करीब 1:00 बजे आरोपी महिला अपनी स्कूटी से अपने मायके गई और अजीम ने अपनी आई-20 कार नया पुल नहर पटरी के पास खड़ी कर दी। फिर महिला ने अजीम को व्हाट्सएप कॉल करके बताया कि उसने अपने पिता के घर से पुराने मकान की चाबी ले ली है और अजीम को साकेत में आने के लिए कहा, जहां शिबा चाबी लेकर आई। अजीम चुपचाप चाबी लेकर शिबा के पिता के पुराने मकान में गया और वहां से पैसों का बैग निकालकर अपनी कार में रखकर आईआईटी कैंपस रुड़की में गाड़ी खड़ी कर दी। शाम को वह पैसों से भरी कार वापस अपने घर ले आया।
चोरी के रुपयों में से कुछ रुपये अजीम ने अपने भाई वसीम को छिपाकर रखने के लिए दे दिए और बाकी पैसों से भरा बैग अपने किराए के मकान में छिपा दिया। आरोपियों ने चोरी के पैसों में से कुछ पैसों से जेवरात और फूड सप्लीमेंट खरीदे, जबकि कुछ पैसे अजीम ने अपनी कार की किस्त चुकाने में इस्तेमाल किए।
आरोपियों की निशानदेही पर उनके किराए के मकान सती मोहल्ले से छिपाया गया बैग बरामद किया गया, जिसमें से 48 लाख रुपये नकद और जेवरात बरामद हुए। घटना में इस्तेमाल की गई आई-20 कार भी सती मोहल्ले में श्मशान घाट के पास से बरामद की गई।
अभियुक्त अजीम के भाई और सह-अभियुक्त वसीम को मुखबिर की सूचना पर आजाद नगर चौक से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर आजाद नगर चौक स्थित रियासत की नाई की दुकान से 02 सप्लीमेंट के डिब्बों से कुल 10 लाख रुपये बरामद किए गए, जबकि अभियुक्त की दुकान से 1 लाख 60 हजार रुपये बरामद हुए। अभियुक्त अजीम द्वारा चोरी के पैसों से खरीदे गए सप्लीमेंट के डिब्बे उसकी बी.एस.एम. चौक स्थित दुकान से बरामद किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीम पुत्र मौ. नाजिम, निवासी सती मोहल्ला, सीटी पब्लिक स्कूल, कोतवाली रुड़की, हरिद्वार; महिला पत्नी मौ. अजीम, निवासी उपरोक्त; और वसीम पुत्र मो. नाजिम, निवासी माहीग्रान बन्दा रोड, कोतवाली रुड़की, हरिद्वार के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 59.60 लाख रुपये नकद, एक जोड़ी कंगन, तीन अंगूठी, एक जोड़ी कान के झुमके, एक जोड़ी टॉप्स, एक नाक की लाँग, सप्लीमेंट के डिब्बे और घटना में इस्तेमाल की गई आई-20 कार बरामद की है।
इस सफल खुलासे में कोतवाली गंगनहर के प्रभारी अमरजीत सिंह, एसएसआई आनंद मेहरा, एसआई प्रवीण बिष्ट, एसआई करुणा रौकली, एएसआई मनीष कवि के अलावा सिपाही इसरार अली, लखपत, नितिन कुमार, भूपेंद्र, लाल सिंह और सीआईयू रुड़की टीम के दरोगा अंकुर शर्मा, सिपाही अश्वनी यादव तथा महिपाल शामिल रहे। (साभार~ मुक्ति मोद)
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