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डॉ. सोनाली जोशी का स्थानांतरण जनहित के खिलाफ

विशेषज्ञ के स्थानांतरण से अल्मोड़ा में ई.एन.टी. सेवाओं पर संकट

अल्मोड़ा जिला अस्पताल में नाक, कान, गला (ई.एन.टी.) विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत डॉ. सोनाली जोशी का स्थानांतरण अचानक पौड़ी कर दिया गया है, जिसके कारण अल्मोड़ा जिले में ई.एन.टी. सेवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। यह स्थानांतरण न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के समुचित संचालन में बाधा डालता है, बल्कि यह अल्मोड़ा जैसे पर्वतीय क्षेत्र में स्वास्थ्य के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के समान है।

सामाजिक कार्यकर्ता संजय कुमार पाण्डे ने इस स्थानांतरण के फैसले को असंवेदनशील और जनहित के खिलाफ करार दिया है। पाण्डे ने स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सोनाली जोशी को अल्मोड़ा में स्थायी रूप से नियुक्त करने की मांग की है, ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनी रहे।

संजय पाण्डे ने कहा…

“अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ई.एन.टी. सेवाएं पहले ही संकट से गुजर रही थीं। 31 अक्टूबर 2023 के बाद से एक भी सर्जरी नहीं हो पाई, और अब डॉ. सोनाली जोशी का स्थानांतरण इस संकट को और बढ़ा देगा। यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खतरे की घंटी है, बल्कि यह प्रशासन की नाकामी और जनहित के प्रति लापरवाही को भी दर्शाता है।”

संजय पाण्डे ने बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की गई शिकायत के बाद, विभागीय अधिकारियों द्वारा एक लिखित राजीनामा प्रस्तुत किया गया था, जिसे फोटो और वीडियो के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री को भेजा गया था। इसके बाद ही अस्पताल में ई.एन.टी. ऑपरेशन शुरू हो पाए थे। …लेकिन अब, डॉ. सोनाली जोशी के स्थानांतरण से इन सेवाओं का ठप होना तय है।

अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ई.एन.टी. के लिए दो पद स्वीकृत हैं। एक पद पर डॉ. हरीश चंद्र गड़कोटी कार्यरत हैं, जो मुख्य चिकित्सा अधीक्षक भी हैं और केवल सामान्य ओपीडी मरीजों का इलाज कर रहे हैं। दूसरा पद, डॉ. सोनाली जोशी के स्थानांतरण के बाद रिक्त हो चुका है। इस स्थानांतरण के बाद अस्पताल में कोई स्थायी ई.एन.टी. विशेषज्ञ नहीं है।

महत्वपूर्ण सूचना: वर्तमान में डॉ. सोनाली जोशी अवकाश पर हैं, लेकिन उनके स्थानांतरण के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अल्मोड़ा जिला अस्पताल में ई.एन.टी. विशेषज्ञ की सेवाएं एक बड़े संकट में आ सकती हैं।

इसका क्या मतलब?

मुख्य चिकित्सा अधिकारी, अल्मोड़ा से संजय पाण्डे की मुलाकात में यह स्पष्ट हुआ कि उन्हें डॉ. सोनाली जोशी के स्थानांतरण का कोई आदेश नहीं मिला है, और न ही इस बारे में उन्हें कोई जानकारी दी गई है। इससे यह प्रतीत होता है कि यह कदम बिना उचित समन्वय और अल्मोड़ा के स्वास्थ्य संकट को समझे लिया गया है।

… ताकि मिल सके मरीजों को राहत

संजय पाण्डे ने प्रशासन को चेतावनी दी है, “यदि स्वास्थ्य विभाग इस स्थानांतरण आदेश को तुरंत रद्द नहीं करता, तो हम जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। हमें अल्मोड़ा की जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवानी हैं, और इसके लिए हम हर कदम उठाएंगे।”
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य और अन्य संबद्ध अधिकारियों से तत्काल इस निर्णय को रद्द करने और डॉ. सोनाली जोशी को अल्मोड़ा में स्थायी नियुक्ति देने का आग्रह किया है, ताकि अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनी रहे और मरीजों को राहत मिल सके।

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