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ठगने वाली 51 फर्जी वेबसाइट उत्तराखंड एसटीएफ ने की ब्लॉक, 56 बैंक अकाउंट्स फ्रीज

सावधान रहें, सुरक्षित रहें!

चारधाम यात्रा 2025 में हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग से जुड़ी फर्जी वेबसाइटों से बचें

~सोशल मीडिया सैल, बिजनौर पुलिस

उत्तराखण्ड राज्य में दिनांक 30 अप्रैल 2025 से चारधाम यात्रा (श्री यमुनोत्री, श्री गंगोत्री, श्री केदारनाथ एवं श्री बद्रीनाथ) प्रारम्भ हो चुकी है। देशभर से लाखों श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में सम्मिलित हो रहे हैं।

हाल ही में यह देखने में आया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा हेलीकॉप्टर सेवा की फर्जी वेबसाइटें बनाकर श्रद्धालुओं से ऑनलाइन धोखाधड़ी की जा रही है। इन फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से बुकिंग करने पर न तो सेवा मिलती है और न ही धन वापस होता है, जिससे श्रद्धालुओं को आर्थिक हानि होती है तथा उनकी यात्रा भी बाधित होती है।

🔵 अतः श्रद्धालुओं से अपील है कि –
✅ हेलीकॉप्टर सेवा की बुकिंग केवल सरकारी अधिकृत वेबसाइट 👉 heliyatra.irctc.co.in से ही करें।
✅ किसी भी अनजान वेबसाइट या सोशल मीडिया लिंक पर क्लिक करके भुगतान न करें।
✅ बुकिंग करते समय वेबसाइट की URL को ध्यानपूर्वक जांचें।
✅ किसी भी प्रकार की शंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस प्रशासन से संपर्क करें।
✅ अपनी निजी जानकारी, OTP या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।

🙏 आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कुंजी है।

धोखाधड़ी होने पर यहां करें रिपोर्ट: यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकता है. इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल http://www.cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज की जा सकती है.

चारधाम हेली बुकिंग के नाम पर ठगने वाली 51 फर्जी वेबसाइट ब्लॉक, 56 बैंक अकाउंट्स फ्रीज

देहरादून। उत्तराखंड चारधाम यात्रा देश ही नहीं, विदेशों से भी श्रद्धालु आ रहे हैं. कई श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए हेली सेवा का भी प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन इन हेली सेवा के बहाने साइबर ठग श्रद्धालुओं के साथ फर्जी वेबसाइटों, सोशल मीडिया पेजों और विज्ञापनों के जरिए धोखाधड़ी कर उनकी गाढ़ी कमाई में डाका डालते हैं. ऐसे में चारधाम हेली टिकट बुकिंग से संबंधित साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए उत्तराखंड एसटीएफ लगातार कार्रवाई कर रही है.

उत्तराखंड एसटीएफ ने वर्ष 2023 से कार्रवाई को तेज करते हुए कई वेबसाइटों को ब्लॉक किया. एसटीएफ के मुताबिक, वर्ष 2023 में 64 फर्जी वेबसाइट और वर्ष 2024 में 18 फर्जी वेबसाइटों, 45 फेसबुक पेज और 20 बैंक अकाउंट्स को चिह्नित कर ब्लॉक किया गया. वर्ष 2025 में अब तक 51 फर्जी वेबसाइट/यूआरएल को ब्लॉक किया जा चुका है. इसके अलावा साइबर धोखाधड़ी में प्रयोग किए जा रहे 111 मोबाइल नंबरों को भी ब्लॉक किया गया. वहीं इस वर्ष 56 बैंक खातों को फ्रीज कराया गया और 30 व्हाट्सएप नंबरों को रिपोर्ट कर ब्लॉक कराया गया है. एसटीएफ की इस कार्रवाई से सैकड़ों श्रद्धालुओं को धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाया गया. यह अभियान गृह मंत्रालय (MHA) के अंतर्गत I4C के समन्वय से चलाया जा रहा है.

डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि मेटा (Meta) पर फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग से जुड़े नए पेज और विज्ञापनों को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. उत्तराखंड सरकार द्वारा उन्हें आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के अंतर्गत नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है. इसके तहत वे मेटा को बार-बार कानूनी नोटिस जारी कर रहे हैं, जिससे प्लेटफॉर्म को ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट हटाने के लिए बाध्य किया जा सके.

फर्जी वेबसाइट और संदिग्ध लिंक से बचें: किसी भी वेबसाइट से बुकिंग करने से पहले उसकी प्रमाणिकता की गहराई से जांच करें. वेबसाइट का URL ध्यानपूर्वक पढ़ें, किसी प्रकार की वर्तनी की गलती, अतिरिक्त शब्द या संदेहास्पद चिन्ह दिखें तो उस पर विश्वास न करें. अनजान और असत्यापित लिंक पर क्लिक करने से बचें और वेबसाइट पर दिए मोबाइल नंबर पर कॉल करके भी उसकी सत्यता की पुष्टि अवश्य करें. सस्ते रेट या आकर्षक ऑफर के झांसे में आकर कभी भी बुकिंग न करें, क्योंकि यह अक्सर ऑनलाइन फ्रॉड के जाल होते हैं.

हर दिन मॉनिटरिंग: उन्होंने बताया कि एसएसपी एसटीएफ द्वारा खुद प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा रही है. उप निरीक्षक आशीष गुसाईं द्वारा प्रतिदिन संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को नोटिस दिए जा रहे हैं. सीओ अंकुश मिश्रा, गृह मंत्रालय (I4C), बैंक एडमिन, टेलीफोन सेवा प्रदाता नंबर ब्लॉक करने के लिए और मेटा के नोडल अधिकारी अश्विन मधुसूदन से निरंतर संपर्क में रहते हुए कंटेंट हटवाने की प्रक्रिया को गति दे रहे हैं. वहीं सभी कानूनी प्रक्रिया निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल द्वारा की जा रही है.

नीतिगत पहल और डिजिटल समन्वय: पिछले साल उत्तराखंड एसटीएफ के प्रयासों से गूगल ने केदारनाथ हेली टिकट बुकिंग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कीवर्ड्स पर नियंत्रण लागू किया. इससे फर्जी विज्ञापन दिखना काफी हद तक बंद हुआ. इसी तरह का नीतिगत नियंत्रण मेटा प्लेटफॉर्म (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर लागू करने के लिए पत्राचार किया जा रहा है, ताकि फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग वाले फेसबुक पेज और विज्ञापनों को भी रोका जा सके.

एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि पिछले साल भी टीम ने सर्वाधिक फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक कराया था. उनके प्रयासों से अब साइबर अपराधियों ने वेबसाइट की बजाय फेसबुक पर फर्जी पेज बनाकर एडवरटाइजमेंट बूस्ट करके लोगों को ठगना शुरू किया है. उत्तराखंड पुलिस का प्रयास है कि यह पवित्र यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और ठगी-मुक्त हो. लोगों की जागरूकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है.

उत्तराखंड पुलिस की अपील: श्री केदारनाथ हेली सेवा के लिए केवल आईआरसीटीसी (IRCTC) ही अधिकृत बुकिंग पार्टनर है. किसी भी फेसबुक विज्ञापन या फर्जी पेज से हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग करने से बचें. यदि आपको किसी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या विज्ञापन की जानकारी मिले, तो कृपया तुरंत एसटीएफ साइबर पुलिस स्टेशन मेल आईडी- ccps.deh@uttarakhandpolice.uk.gov.in पर साझा करें. किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें.

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