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भुइयार समाज ने धारूवाला में मनाया कबीर साहेब का 628 वां जन्मोत्सवसमाज

वक्ताओं ने किया राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान

कबीर साहेब के आदर्शों पर चल कर करें राष्ट्र का उत्थान: डॉ. विजेंद्र

बिजनौर। संत शिरोमणि कबीर साहेब के 628 वे प्राकट्य दिवस पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस मौके पर आयोजित विचार गोष्ठी में उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। मुख्य वक्ता डॉ विजेंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान में कबीर साहेब के आदर्शों को अपनाने की जरूरत है।

गांव धारूवाला स्थित भुइयार समाज धर्मशाला पर संत शिरोमणि कबीर साहेब के जन्मोत्सव पर आयोजित विचार गोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ विजेंद्र सिंह ने कहा कि कबीर साहेब के आदर्शों पर चलकर समाज व राष्ट्र का विकास किया जा सकता है। वर्तमान में उनके आदर्शों को अपनाने की जरूरत है। भुइयार एजुकेशनल वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष मास्टर राजेंद्र कुमार भुइयार कबीर साहेब के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कबीर साहेब की आयु 120 वर्ष बताई जाती है। आज भी कबीर साहेब लोगों के दिलों में बसे हैं। उन्होंने अंधविश्वास को समाप्त करने के लिए अनेक कार्य किया लोग उन्हें सदी का महानायक कहते हैं। उन्होंने जो लिखा उसका अनुपालन करने की जरूरत है।

इंजीनियर देवेंद्र कुमार भुइयार ने कबीर साहेब के दोहों के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि कबीर साहेब ने सभी वर्गों के लोगों को जोड़ने की कोशिश की। संजीव कुमार भुइयार ने कहा कि कबीर साहेब संत गुरु नानक के समकालीन थे। उन्होंने समाज में जाति व धर्म के बंधन को तोड़ने का काम किया। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब का बीजक ग्रंथ अध्यात्म पर आधारित है। समाज को जागरूक करने के लिए उनकी कृति का अध्ययन करना बेहद जरूरी है। मास्टर अमित कुमार भुइयार ने कहा कि समाज के विकास के लिए अच्छी शिक्षा जरूरी है। बच्चों को जागरूक करने की जरूरत है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि समाज के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर समाज व राष्ट्र के विकास में भागीदारी करें। किसी भी समाज का उत्थान शिक्षा के बिना होना संभव नहीं है। वक्ताओं ने उनके आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया।

इससे पूर्व कबीर साहेब के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। राम गोपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित विचार गोष्ठी में कोमल सिंह भुइयार, छत्रपाल सिंह, शगुन कुमार,धरमा सिंह, दयाराम सिंह भुइयार, सुमित भुइयार, बादाम सिंह, नेपाल सिंह, जयंत सिंह, अश्वनी कुमार, वीरेंद्र कुमार, लोकेश कुमार भुइयार, लाखन सिंह, अवी सिंह, अनंत कुमार भुइयार, मलखान सिंह, सुदेश कुमार, पवन सिंह, शगुन कुमार, त्रेशा भुइयार, अनंत भुइयार, जयंत भुइयार आदि ने विचार रखे।संचालन संजीव कुमार भुइयार ने किया।

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