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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कमिश्नरेट उत्तरी जोन के मलिहाबाद थाना क्षेत्र में मोहर्रम से एक दिन पहले अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी गई। इस मामले में यूपी एटीएस एक्टिव हो गई है।

पुलिस ने मलिहाबाद में हकीम सलाहुद्दीन के घर में छापा मार कर कई वैरायटी के 14 हथियार, 100 कारतूस, असलहा बनाने की कई सामग्री के अलावा हिरन की खाल भी जब्त की।

जानकारी के अनुसार मलिहाबाद, रहीमाबाद और माल थाने की पुलिस फोर्स ने मुखबिर की सूचना पर मिर्जागंज निवासी हकीम सलाहुद्दीन उर्फ लाला (68) के घर पर छापा मार कर अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी। उसका घर मलिहाबाद थाने से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर बताया गया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सलाहुद्दीन उर्फ लाला के घर से अवैध हथियार, कारतूस सप्लाई की सूचना मिली थी। सलाहुद्दीन अपनी पत्नी और बेटी के साथ मिला, इसके अलावा ओवैस नाम का युवक भी था, जांच-पड़ताल में सामने आया कि सलाहुद्दीन अवैध हथियारों की फैक्ट्री चला रहा था।

सलाहुद्दीन उर्फ लाला की पत्नी टीचर है, उसकी दो बेटियां हैं। एक नॉर्वे में और दूसरी लखनऊ में ही इंटीग्रल यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, सलाहुद्दीन काफी दिनों से अवैध हथियारों की पूरे यूपी में सप्लाई कर रहा था। उसका घर थाने के बगल में होने के कारण किसी को शक नहीं हुआ, यहां तक कि पुलिस को भी भनक नहीं लगी।

डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण ने बताया कि थाना मलिहाबाद में आयुध अधिनियम और हिरन की खाल मिलने पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोपी हकीम सलाहुद्दीन उर्फ लाला पर मुकदमा दर्ज किया गया है। हकीम के घर से पुलिस ने 3 पिस्तौल, 1 देसी तमंचा (315 बोर), 2 देसी तमंचा (0.22 बोर), 1 राइफल (0.22 बोर), 7 एयरगन, 18 कारतूस (315 बोर), 68 कारतूस (0.22 बोर), 40 खोखा (0.22 बोर), 30 कारतूस (12 बोर), 2 कारतूस (32 बोर), 1 खोखा (32 बोर), 6 बांका, 2 छुरी, 1 आरी बरामद की गई। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस की पूछताछ व जांच-पड़ताल जारी है।

पड़ोस के महमूद अली ने बताया कि सलाहुद्दीन के आसपास हमेशा 2-4 लोग बैठे रहते थे। अलग-अलग समय पर खूंखार से दिखने वाले अलग-अलग लोग आते थे। उन्हें देख कर गली से निकलने में भी डर लगता था, कि ये लोग कुछ कर न दें। हकीम दवा बनाने-देने के बहाने यहां पर ऐसा धंधा करता होगा, इसका बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था। दूसरे पड़ोसियों ने बताया कि हकीम के घर से किसी मशीन की आवाज आया करती थी। इसने अपने घर में ही किराए पर रहने को कमरे बनवा रखे थे। इन कमरों पर आए दिन कोई ना कोई 15 दिन या 20 दिन तक रुकने के लिए आता रहता था।

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