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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में चार नामचीन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी चल रही है! इन पर आरटीई (नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009) के तहत लापरवाही बरतने के आरोप हैं।

राजधानी लखनऊ में आरटीई (नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009) के तहत बच्चों के 100% एडमिशन को लेकर प्रशासन ने अब पूरी सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जिन स्कूलों ने अब तक आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं दिया है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और मान्यता रद्द करने की कार्रवार्ट भी होगी। जिलाधिकारी ने सभी BSA को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं BSA ने कहा कि आरटीई के तहत नामित बच्चों का तत्काल दाखिला नहीं करने वाले स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की संस्तुति भी की जाएगी।

जिन स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावनाएं जताई गई हैं, उनमें प्रमुख नाम सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल गोमती नगर, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS), बाल गाइड स्कूल, जी.डी. गोयनका स्कूल लखनऊ बताए गए हैं। इन स्कूलों ने प्रवेश प्रक्रिया में ढिलाई की है या इनके यहां नामांकन की संख्या अत्यंत कम है।

बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, लखनऊ में अब तक कुल 17,570 बच्चों का RTE के तहत एडमिशन सुनिश्चित किया गया है। इनमें से लगभग 95% बच्चों का एडमिशन हो चुका है। करीब 3000 बच्चों ने स्वेच्छा से स्कूलों में प्रवेश लेने से इनकार किया है, जिन्हें अलग से दर्ज किया गया है।

सूत्रों की मानें तो लखनऊ जिले के डीएम की पहल और मॉनिटरिंग के चलते पूरे प्रदेश में सबसे अधिक प्रभावी ढंग से RTE एडमिशन की प्रक्रिया संपन्न हो रही है। अधिकारियों को भरोसा है कि अगले सप्ताह तक 100% नामांकन पूरा कर लिया जाएगा।

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