काकोरी में 8 जुलाई को चोरी हुआ नकदी एवं जेवर, पुलिस ने नहीं लिखा मुकदमा
20 जुलाई को पुनः घर में हुई चोरी 112 पर सूचना से भड़के पड़ोसी ने नाबालिग लड़की को मारा पीटा लेकिन मुकदमा फिर भी दर्ज नहीं
एक ही घर में लगातार दो बार चोरी, हाथ पर हाथ धरे बैठी पुलिस
लखनऊ। काकोरी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव के एक ही घर में लगातार दो बार चोरी होने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है। आरोप तो यहां तक है कि अब तक ना तो पुलिस ने मुआयना किया ना मुकदमा दर्ज किया! यही नहीं पीड़ित पर समझौते का भी दबाव बनाया।
काकोरी थाना क्षेत्र के चिलौली गांव के समीप बांकी पुलिया के रहने वाली रम्पाता पत्नी कमलेश को 8 जुलाई सुबह उठने पर घर में चोरी होने का एहसास हुआ। पुलिस को दी तहरीर में ₹10000 नगद एवं जेवर सहित कुछ अन्य सामान गायब होने का उल्लेख किया। आश्चर्य की बात यह है कि नीचे प्रवेश द्वार पर ताले बंद थे चोर छत के रास्ते से आया और चोरी करके भाग गया। सूचना पर 8 जुलाई को ही पहुंची 112 नंबर पुलिस ने वीडियो बनाया तथा थाने पर लिखित प्रार्थना पत्र देने को कहा। आरोप है कि रम्पाता अपनी बेटी के साथ चौकी पर 2 घंटे बैठी रही, फिर थाने पर दिन भर बैठी रही परंतु उसका मुकदमा दर्ज करना तो दूर की बात पुलिस ने एक बार मौका मुआयना भी नहीं किया। तीसरे दिन घर के बाहर टूटे हुए ताले पड़े हुए मिले।
इससे पहले भी कुछ महीने पूर्व घर से मोबाइल फोन चोरी कर लिए गए थे और वह फिर तीन दिन के बाद घर के बाहर कीचड़ में पड़े मिले थे। पीड़िता की बेटी ने आरोप लगाया उस समय भी पुलिस को सूचना दी गई थी। उन्होंने कहा जो फोन मिल गए हैं, उनको घर में वापस रख लो। किसी प्रकार की जांच की जरूरत नहीं समझी

चोरी या प्रताड़ना ?
चोर द्वारा चोरी करने के साथ-साथ ही प्रताड़ित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है, जिससे हो सकता है उसका कोई अन्य उद्देश्य भी हो।
पुलिस की शिथिलता से निरंतर बढ़ता रहा हौसला
पुलिस द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्यवाही न किए जाने से मन बढ़ चोरों द्वारा 19 – 20 जुलाई की दरमियानी रात को चार्जर पैनल बैटरी एवं ₹2000 चोरी कर लिए गए
छत पर छूटी चोर की चप्पल
112 नंबर की सूचना पर पहुंची पुलिस मौके पर पूरा वीडियो बनाया। सीढ़ी के सहारे चढ़े एवं भागे चोर की हड़बड़ाहट में एक चप्पल वहीं पर छूट गई थी। पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा हुआ था। बक्से और कपड़े दूसरी जगह पड़े हुए थे।
पुलिस का नकारात्मक रवैया
112 नंबर की सूचना पर पहुंची पुलिस जैसे ही घटना का मुआयना करके लौटी पड़ोसी ने हमला बोल दिया और उसकी 17 वर्षीय बेटी को मारा पीटा। पीड़ित लड़की ने बताया उस समय घर पर वह अपनी मां और एक 14 वर्षीय भाई के साथ थी।
पैदल चलकर पहुंची थाने, लेकिन नहीं हुई सुनवाई
पैसा न होने की स्थिति में मां बेटी पैदल ही दुबग्गा तक पहुंची। घटना की सूचना पाकर थाना क्षेत्र में रहने वाला भाई साइकिल से पहुंचा और तीनों मिलकर किसी तरह काकोरी थाने पहुंचे।
थानेदार ने किया गजब का न्याय
मीडिया में मामला चलने पर 2 घंटे बाद थानेदार ने अपने कक्ष में बुलाया और पीड़िता का कीपैड मोबाइल जब्त करा कर दोनों पार्टी के खिलाफ मुकदमा लिखकर जेल भेजने का फरमान सुना दिया। यही नहीं पुलिस ने पूरी घटना को फर्जी बताते हुए पीड़िता अनपढ़ मां बेटी से अंगूठा लगवा लिया।
थानेदार ने, एसीपी की भी नहीं सुनी
सूचना पुलिस उपायुक्त को भी पहुंची। रविवार का दिन होने के कारण उन्होंने सोमवार को कार्यालय पर आने को कहा गया। घटना की सूचना पर पत्रकारों की टीम थाने पर पहुंची। सहायक पुलिस आयुक्त शकील अहमद को सारे साक्ष्य दिखाए एवं तथ्य बताए। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एसीपी ने वहां उपस्थित चौकी इंचार्ज आशीष बालियान एवं फोन पर प्रभारी निरीक्षक काकोरी सतीश राठौर को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिए, परंतु आरोप है कि अब तक ना तो पुलिस ने मुआयना किया ना मुकदमा दर्ज किया!
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