जनसेवा दल की हुंकारः अब हर गांव से उठेगी बदलाव की मशालः विनेश भैया
विनेश ठाकुर मर गया, अब विनेश भइया मैदान में, लिवर ट्रांसप्लांट के बाद नई राजनीति का एलान
अब सिर्फ वोटर नहीं, निर्णायक बनेंगेः सैन समाज की राजनीतिक क्रांति का बिगुल
जन सेवा दल का शंखनाद: वोट हमारा तो राज भी हमारा
मुजफ्फरनगर। जन सेवा दल के तत्वाधान में मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में लोक मोर्चा का कार्यकर्ता सम्मेलन भव्य रूप से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता मांगेराम ने की जबकि संचालन मास्टर भोपाल सिंह ने किया। इस सम्मेलन के मुख्य अतिथि जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर रहे, जिन्होंने अपने ओजस्वी और भावनात्मक संबोधन में न केवल मंच को आंदोलित किया बल्कि सैकड़ों कार्यकताओं और समर्थकों के दिलों में राजनीतिक चेतनाकी नई लौ जला दी।

जनसेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक विनेश भइया ने अपने भावुक लेकिन जोशीले वक्तव्य में कहा 21 मई को मेरा लिवर ट्रांसप्लांट हुआ… और उसी दिन विनेश ठाकुर मर गया अब जो खड़ा है, वो विनेश भइया है जो अपने समाज को सम्मान दिलाए बिना नहीं रुकेगा। उन्होंने कहा कि अब नंदवंशी समाज और भारत का अति पिछड़ा वर्ग उपेक्षा और छलावा नहीं सहेगा। बड़े दलों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि “हम 4 प्रतिशत हैं तो सत्ता में हिस्सेदारी भी 4 प्रतिशत के अनुपात से बनती है। यानी यूपी की 16 से 20 सीटो पर हमारा हक हैं और जब तक सैन समाज के 20 विधायक जीतकर विधानसभा नहीं पहुंचेंगे, मैं चैन से नहीं बैठूंगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि 2 प्रतिशत लोगों ने 42 प्रतिशत अति पिछड़ों पर दशकों से हुकूमत चलाई है। अब यह अन्याय बंद होगा। अब सत्ता की चाभी बहुजन, दलित और अति पिछड़ों के हाथ में होगी। वोट हमारा और राज तुम्हारा अब नहीं चलेगा। विनेश भइया ने यहां भी अपनी चर्चित शैली में कहा, मैं नेता नहीं हूं, अभिनेता हूं, और जनसेवा दल के नेतृत्व में लोकमोर्चा की फिल्म बना रहा हूं, जिसका क्लाइमैक्स 2027 के चुनाव में सत्ता परिवर्तन के साथ आएगा। उन्होंने आगे कहा, मैं अखबार चलाता हूं, मेरे विधान केसरी के संवाददाता हर जिले में हैं, लेकिन मेरे समाज की राजनीतिक हैसियत नहीं थी ये मेरी सबसे बड़ी पीड़ा थी। इसलिए जनसेवा दल बनाया, ताकि समाज को राजनीतिक अधिकार मिले। विनेश ठाकुर ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, हमारी चुप्पी ही अब तक हमारी सबसे बड़ी सजा थी, लेकिन अब हम चुप नहीं रहेंगे। अब कोई सामंतवादी ताकत किसी बहुजन या अति पिछड़े व्यक्ति का अपमान नहीं कर पाएगी। हमारी सरकार आने पर ऐसे लोगों को जेल में डाला जाएगा।

कार्यक्रम का माहौल अत्यंत उत्साही और जोशपूर्ण रहा। बड़ी तादात में उपस्थित लोगों ने लोक मोर्चा की सरकार बनाने की शपथ ली। सभा के समापन में यह संदेश साफ था कि यह सम्मेलन किसी संगठन की घोषणा नहीं, बल्कि दशकों की उपेक्षा, पीड़ा और राजनीतिक बहिष्कार की प्रतिक्रिया थी, जो अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है। ऐसे में यह तय है कि लोक मोर्चा और जनसेवा दल की यह मुहिम अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी इसका अगला पड़ाव विधान सभा की कुर्सियां होंगी।
राष्ट्रीय सलाहकार ब्रहापाल कौशिक ने कहा अब अति पिछड़ों की आवाज दबेगी नहीं, जनसेवा दल उसका मंच बनेगा। समाज की चेतना जाग चुकी है. अब राजनीतिक भागीदारी तय है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दयाल चंदेल ने कहा, समय आ गया है जब सत्ता की कुंजी सैन सविता नंद समेत समस्त अति पिछड़ों के हाथ में होगी। हमारी एकता ही हमारी ताकत बनेगी, यह लड़ाई अब निर्णायक होगी।”

राजेश कुमार ने कहा “वर्षों से जो समाज हाशिए पर था, अब वही निर्णायक भूमिका में आएगा। हम अब सिर्फ वोट नहीं देंगे, सत्ता की जिम्मेदारी भी उठाएंगे। अरविंद ठाकुर ने कहा विनेश भैया की यह लड़ाई हमारी अस्मिता की लड़ाई है। हर गांव, हर शहर में लोकमोर्चा का संदेश पहुंचाना है।” उमेश माथुर ने कहा अब सत्ता में हमारी गिनती नहीं, हिस्सेदारी होगी। जो समाज दशकों से उपेक्षित था, अब नेतृत्व करेगा।” मांगेराम सेन ने कहा हमारे पास अब न संगठन की कमी है, न सोच की स्पष्टता। जनसेवा दल के नेतृत्व में नंदवंश समाज नई इबारत लिखेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश सेन ने कहा “मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, वह एक मिशन है। अब यूपी के कोने-कोने में सैन समाज की शक्ति दिखाई देगी।” मंडल उपाध्यक्ष मेरठ राजपाल सेन ने कहा मेरी मेरठ मंडल में प्राथमिकता है कि हर पिछड़ा परिवार लोकमोर्चा का सिपाही बने। संगठन की ताकत से सत्ता की बुनियाद हिलाएंगे। सन्नी सेन ने कहा समाज को अब नेताओं की नहीं, भागीदारों की जरूरत है। हर नौजवान लोकमोर्चा की मशाल लेकर आगे बढ़े।” सुरेंद्र ठाकुर बोले अब निर्णय लेने का समय है, सिर्फ नारों से नहीं, रणनीति से लड़ना है। सत्ता की चाबी अब अति पिछड़ों के पास होनी चाहिए।” किरतपाल सेन ने कहा सिर्फ मंच पर नहीं, गांव-गांव में जाकर बदलाव की अलख जगाएंगे। अब हमारा संकल्प सत्ता में सैन समाज की निर्णायक भागीदारी। दीपक सेन ने कहा जनसेवा दल अब विकल्प नहीं, भविष्य है। युवाओं का जोश और बुजुर्गों का अनुभव साथ है हमारे। अशोक सेन ने कहा बहुजन समाज की सियासी चुप्पी अब टूट चुकी है। 2027 में उसका जवाब ईवीएम में दर्ज होगा। धर्मपाल सेन बोले अब हम वोटर नहीं, सत्ता के निर्णायक बनेंगे। विनेश भइया की अगुवाई में हर अन्याय का जवाब मिलेगा।
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