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लखनऊ : एडीजी साइबर क्राइम के पद पर तैनात 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बिनोद कुमार सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में डीजी (महानिदेशक) के पद पर प्रोन्नत हो गए हैं। आईपीएस अधिकारी आनंद स्वरूप के केंद्र में जाने से डीजी का पद रिक्त हुआ था। तभी से ही इस पद के लिए लगातार आईपीएस अधिकारी बीके सिंह के नाम पर चर्चा चल रही थी। बीके सिंह डीजीपी राजीव कृष्ण की टॉप-10 प्राथमिकताओं की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों की लिस्ट में शामिल हैं।

बिनोद कुमार (बीके) सिंह जो मूलरूप से पटना के निवासी हैं। बीके सिंह की प्रोन्नति को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में लोकभवन में डीपीसी की बैठक हुई थी। बैठक में प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद भी थे। इस बैठक के बाद अगले दिन आदेश जारी किया गया।

राष्ट्रपति के वीरता पदक, सराहनीय कार्य सेवा पदक और उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बीके सिंह ने एडीजी साइबर क्राइम के 13 महीने के कार्यकाल से दौरान साइबर अपराधियों से लोगों बचाने के लिए काफी काम किया।लखनऊ में 1930 साइबर क्राइम हेल्प लाइन के केंद्र की स्थापना करवाने के साथ लोगों को जागरूक करने के बड़े अभियान को चलाने का काम किया। यह कॉल सेंटर साइबर क्राइम हेल्प लाइन के भारत के सबसे बड़ा कॉल सेंटर में से एक है।

आईपीएस अधिकारी बीके सिंह की पहली पोस्टिंग ट्रेनी एएसपी के पद पर उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुई। इसके बाद वह एएसपी फैजाबाद व गाजियाबाद में तैनात रहे। बीके सिंह सिद्धार्थनगर, मिर्जापुर, बांदा, सोनभद्र, बिजनौर और रेलवे मिर्जापुर व इलाहाबाद में एसपी रहे। एसएसपी फैजाबाद, इलाहाबाद और बुलंदशहर के साथ ही पीएसी 35 वाहिनी लखनऊ व वाराणसी में भी उनकी तैनाती रही।

उत्तर प्रदेश सरकार में अपने कार्यकाल के दौरान बीके सिंह की छवि एक दबंग अधिकारी की रही। उनकी गिनती सरकार के भरोसेमंद अधिकारियों में होती है। उन्होंने यूपी में एडीजी सुरक्षा के पद पर भी काम किया है। वे केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के ओएसडी भी रहे हैं।

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