कारण बताओ नोटिस और निलंबन की कार्रवाई
जिला कृषि अधिकारी की टीम को देख ताले डालकर दुकानदार रफूचक्कर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने अपनी टीम के साथ धामपुर तहसील के अफजलगढ़ क्षेत्र में कई उर्वरक केंद्रों पर छापा मारा। यह निरीक्षण 27 अगस्त, 2025 को किया गया।

निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को सही मात्रा और सही कीमत पर खाद मिल रही है। इस दौरान, उन्होंने कई दुकानों के रिकॉर्ड की जांच की और पाया कि कुछ दुकानें नियमों का पालन नहीं कर रही थीं।

क्या हुई कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान, मै. कृषि सेवा केंद्र अफजलगढ़, मै. अफजलगढ़ खाद भंडार, मै. कृषक सेवा केंद्र, और मै. सरस्वती खाद भंडार भज्जावाला के रिकॉर्ड अधूरे पाए गए। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने इन सभी प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इसके अलावा, मै. बिश्नोई खाद भंडार और मै. बद्री कृपा खाद भंडार के मालिक दुकानें बंद करके भाग गए, जिस पर उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस और निलंबन की कार्रवाई की गई।

उर्वरक की उपलब्धता
अधिकारियों ने बताया कि बिजनौर जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से यूरिया, डीएपी, और एनपीके जैसी खादें निर्धारित दरों पर दी जा रही हैं।

उपलब्धता के आंकड़े:
* यूरिया: लक्ष्य 1,03,241 मीट्रिक टन था, जिसमें से 83,421 मीट्रिक टन का वितरण हो चुका है और 9,376 मीट्रिक टन अभी भी उपलब्ध है।
* डीएपी: लक्ष्य 14,717 मीट्रिक टन था, जिसमें से 11,910 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है और 4,264 मीट्रिक टन बचा हुआ है।
* एनपीके: लक्ष्य 3,230 मीट्रिक टन था, जिसमें से 1,847 मीट्रिक टन का वितरण हुआ है और 932 मीट्रिक टन उपलब्ध है।

विक्रेताओं को चेतावनी
निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए कि वे पीओएस मशीन के बिना खाद न बेचें। उन्हें यह भी बताया गया कि वे बड़ी मात्रा में (बल्क में) खाद न बेचें और किसानों की जोत बही या खतौनी के आधार पर ही वितरण करें।।
अधिकारियों ने विक्रेताओं को अधिक कीमत पर खाद बेचने और टैगिंग (एक खाद के साथ दूसरी वस्तु खरीदना अनिवार्य करना) से भी रोका। चेतावनी दी गई कि यदि कोई विक्रेता इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी विक्रेताओं को यह भी कहा गया कि वे किसानों को खाद खरीदने की रसीद जरूर दें।
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