बालों को स्वाभाविक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में भी करता है मदद
प्राचीन ज्ञान का नया अवतार: बालों की देखभाल में लौट रहा लकड़ी का कंघा
~ Shalie Saxena
लखनऊ, [27/02/2025] — आधुनिक प्लास्टिक के कंघों के बीच, सदियों पुराना लकड़ी का कंघा फिर से लोकप्रियता हासिल कर रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के जानकार मानते हैं कि यह कंघा न केवल बालों की सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह बालों को स्वाभाविक रूप से स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने में भी मदद करता है। यह चलन, खासकर जापानी और चीनी परंपराओं से प्रेरित है, जहाँ बालों की देखभाल में लकड़ी के कंघे को एक महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

बालों और स्कैल्प के लिए वरदान
विशेषज्ञों का कहना है कि लकड़ी के कंघे के कई फायदे हैं जो प्लास्टिक के कंघों में नहीं मिलते। सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बालों को नुकसान नहीं पहुंचाता। प्लास्टिक के कंघों से उत्पन्न होने वाला स्थैतिक आवेश (Static Electricity) बालों को रूखा और उलझा हुआ बनाता है, जबकि लकड़ी इस आवेश को कम करती है, जिससे बाल मुलायम और चमकदार बने रहते हैं।
बेहतर रक्त संचार
इसके अलावा, लकड़ी के कंघे के दांत प्लास्टिक की तरह नुकीले नहीं होते। ये सिर की त्वचा पर हल्के से मालिश करते हैं, जिससे रक्त संचार बढ़ता है। बेहतर रक्त संचार से बालों की जड़ों को पोषण मिलता है, जिससे वे मजबूत होते हैं और बालों का टूटना कम होता है। यह कंघा बालों के प्राकृतिक तेलों को जड़ों से लेकर सिरों तक समान रूप से फैलाता है, जिससे बालों की नमी बनी रहती है और वे स्वस्थ दिखते हैं।
क्या लकड़ी का कंघा बालों को काला रखता है?
जापानी और चीनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में यह धारणा प्रचलित है कि लकड़ी के कंघे का नियमित उपयोग बालों को समय से पहले सफेद होने से बचा सकता है। हालांकि, यह सीधे तौर पर बालों को काला नहीं करता। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्कैल्प के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और रक्त संचार को बढ़ाता है।
एक जानकार ने बताया, “स्वस्थ स्कैल्प और बालों की जड़ें स्वस्थ रहती हैं, जिससे बालों का प्राकृतिक रंग लंबे समय तक बना रहता है।” यह एक समग्र दृष्टिकोण है, जिसमें कंघी करने की प्रक्रिया को सिर्फ बाल सुलझाने तक सीमित न रखकर, सिर की मालिश और पोषण का हिस्सा माना जाता है।
पर्यावरण और टिकाऊपन का विकल्प
आज के समय में जब लोग पर्यावरण के प्रति जागरूक हो रहे हैं, लकड़ी का कंघा एक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में भी देखा जा रहा है। प्लास्टिक के कंघों की तुलना में यह बायोडिग्रेडेबल होता है और लंबे समय तक चलता है।
यह चलन सिर्फ एक फैशन नहीं, बल्कि पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक स्वास्थ्य लाभों का एक सुंदर मिश्रण है, जो लोगों को प्रकृति के करीब ले जा रहा है।
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