राजधानी लखनऊ में जलभराव, टूटी सड़कें और बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था
बदहाली: सरकार और उसके अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
अपनी ही सरकार के कामकाज से त्रस्त विधायक की योगी से गुहार
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जलभराव, टूटी सड़कों और बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर सत्तारूढ़ दल के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरकार और उसके अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि एक जनप्रतिनिधि को अपनी ही सरकार से समस्याओं के समाधान के लिए गुहार लगानी पड़ रही है।
सरोजनी नगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह का कद और उनकी योग्यता सामान्य नहीं है। B.Tech (IIT Dhanbad), M.A, LL.B, और Ph.D जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त डॉ. सिंह सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति और पुलिस स्थाई समिति के सदस्य भी हैं। इसके बावजूद उन्हें नगर निगम और नगर विकास विभाग की कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

करोड़ों खर्च, फिर भी हालात बदतर
विधायक ने 26/08/2025 को लिखे अपने पत्र में उल्लेख किया है कि हर साल सड़क मरम्मत, नालियों की सफाई और ड्रेनेज सुधार के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। हाल ही में हुई तेज बारिश ने इन विभागों की अक्षमता को एक बार फिर उजागर कर दिया। सामान्य वर्षा में ही शहर के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो जाते हैं। इससे न सिर्फ लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है, बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है और शहरी ढाँचे को भी गंभीर नुकसान पहुँचता है।

समस्याओं का विवरण और विधायक की मांगें
डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री को भेजी अपनी शिकायत में निम्नलिखित प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश डाला:
1. नालियों की दुर्दशा: अधिकांश नालियाँ या तो जाम हैं या उन पर अतिक्रमण है, जिसकी वजह से मानसून से पहले उनकी नियमित सफाई नहीं हो पाती।
2. सड़कों की खस्ताहाली: हाल ही में बनी या मरम्मत की गई सड़कों पर भी पहली बारिश में ही बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं, जिससे काम की गुणवत्ता पर सीधा सवाल उठता है।
3. बार-बार जलभराव वाले क्षेत्र: आलमबाग, राजाजीपुरम, चारबाग, इन्दिरानगर, गोमतीनगर विस्तार, हजरतगंज और सरोजनी नगर जैसे प्रमुख इलाकों में हर साल जलभराव की गंभीर स्थिति बनती है।
4. जवाबदेही का अभाव: नगर निगम और नगर विकास विभाग के अभियंताओं और अधिकारियों की कोई जवाबदेही तय नहीं होती, जिससे लापरवाही बनी रहती है।

तय हो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही
इन समस्याओं को दूर करने के लिए विधायक ने मुख्यमंत्री से तत्काल कदम उठाने का अनुरोध किया है। उनकी मांगों में एक उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग समिति का गठन शामिल है, जो नालों की सफाई, सड़क मरम्मत और ड्रेनेज सुधार के कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा पर निगरानी रखे। इसके साथ ही, उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और लापरवाही पर दंडात्मक कार्यवाही करने की भी मांग की है।
दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना बनाने का भी सुझाव
विधायक ने लखनऊ के लिए एक दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन योजना बनाने का भी सुझाव दिया, जिसमें आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक, जीआईएस मैपिंग और वर्षा-जल निकासी का वैज्ञानिक आकलन शामिल हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस समीक्षा समिति में स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों जैसे सिविल इंजीनियरों और शहरी योजनाकारों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
अपने पत्र के अंत में, डॉ. सिंह ने जोर देकर कहा कि लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी है और यहाँ की स्थिति पूरे राज्य की छवि को दर्शाती है। उन्होंने विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया है कि शहर की गरिमा को ठेस पहुँचने से बचाने के लिए इन मुद्दों पर शीघ्रता से कार्रवाई की जाए।
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