लखनऊ के हुसैनगंज और बासमंडी इलाके में की गई कार्रवाई
तंबाकू नियंत्रण टीम ने 14 दुकानों से वसूला जुर्माना ₹ साढ़े 4 हजार
लखनऊ। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत लखनऊ में तंबाकू नियंत्रण टीम ने एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत, हुसैनगंज चौराहा और बासमंडी इलाके में अचानक निरीक्षण किया गया, जिसमें कोटपा अधिनियम 2003 का उल्लंघन करते पाए जाने पर 14 दुकानों पर जुर्माना लगाया गया।

कार्रवाई का विवरण
यह कार्रवाई मुख्य चिकित्सा अधिकारी, लखनऊ और जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी, डॉ. निशांत निर्वाण के निर्देश पर की गई। इस टीम में डॉ. मयंक चौधरी (जिला सलाहकार) और विनोद सिंह यादव (सामाजिक कार्यकर्ता) शामिल थे। इनके साथ, संयुक्त पुलिस आयुक्त, कानून एवं व्यवस्था, लखनऊ के कार्यालय से एक प्रवर्तन दल भी मौजूद था, जिसमें एस.आई. रविंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल सतीश कुमार, आरक्षी नीतेश कुमार और राधा शामिल थे।
इस संयुक्त टीम ने हुसैनगंज चौराहा से लेकर बासमंडी नगरीय क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, 14 दुकानें कोटपा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए पाई गईं। इन दुकानों पर कुल 4400 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
किन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई?
जुर्माने की यह कार्रवाई मुख्य रूप से कोटपा अधिनियम की दो धाराओं के तहत की गई:
धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध के उल्लंघन के लिए 12 दुकानों पर 4000 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
धारा 6बी: शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री के उल्लंघन के लिए 2 दुकानों पर 400 रुपए का जुर्माना लगाया गया।
जागरूकता और शिक्षा का भी अभियान

जुर्माना लगाने के साथ-साथ, टीम ने लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर रोगों के बारे में भी जागरूक किया। उन्होंने तंबाकू उन्मूलन केंद्र और कोटपा अधिनियम 2003 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की भी जानकारी दी, ताकि लोग कानून का पालन करें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
यह अभियान दर्शाता है कि प्रशासन तंबाकू नियंत्रण को लेकर गंभीर है और आने वाले समय में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।
क्या है कोटपा अधिनियम 2003
‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का निषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003’, जिसे संक्षेप में कोटपा अधिनियम 2003 (COTPA – Cigarettes and Other Tobacco Products Act, 2003) भी कहा जाता है, भारत में तंबाकू के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कानून है। इस अधिनियम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना और विशेष रूप से युवाओं को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाना है।
इस अधिनियम के मुख्य प्रावधान और उनके उल्लंघन इस प्रकार हैं:

1. धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध
* प्रावधान: यह धारा सार्वजनिक स्थानों जैसे होटल, रेस्तरां, सिनेमा हॉल, मॉल, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, और शैक्षणिक संस्थानों में धूम्रपान पर प्रतिबंध लगाती है। इन स्थानों के मालिकों को “धूम्रपान निषेध क्षेत्र” का बोर्ड लगाना अनिवार्य है।
* उल्लंघन: सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करना इस धारा का उल्लंघन है। इसका उल्लंघन करने पर ₹200 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
2. धारा 5: तंबाकू उत्पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध
* प्रावधान: यह धारा सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन, प्रचार और प्रायोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाती है।
* उल्लंघन: तंबाकू उत्पादों का किसी भी माध्यम से विज्ञापन करना (जैसे टीवी, रेडियो, प्रिंट मीडिया या बैनर), या किसी कार्यक्रम को प्रायोजित करना इस धारा का उल्लंघन है। इसका उल्लंघन करने पर ₹1000 से लेकर ₹5000 तक का जुर्माना या 1 से 5 साल तक की कैद हो सकती है।
3. धारा 6: नाबालिगों को बिक्री और शैक्षणिक संस्थानों के पास बिक्री पर प्रतिबंध
* प्रावधान: इस धारा के दो भाग हैं:
* धारा 6 (क): 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाती है।
* धारा 6 (ख): किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज (लगभग 91 मीटर) के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाती है।
* उल्लंघन:
* नाबालिग को तंबाकू उत्पाद बेचना या शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में ऐसी बिक्री करना इस धारा का उल्लंघन है।
* दुकानों को यह बोर्ड प्रदर्शित करना भी अनिवार्य है कि “तंबाकू उत्पादों की बिक्री 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को नहीं की जाती है”। इस बोर्ड का न लगाया जाना भी उल्लंघन माना जाता है। इस धारा का उल्लंघन करने पर ₹200 तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
4. धारा 7: स्वास्थ्य चेतावनी का अनिवार्य प्रदर्शन
* प्रावधान: यह धारा अनिवार्य करती है कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों के हर पैकेट पर निर्दिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी (चित्रित चेतावनी सहित) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित होनी चाहिए।
* उल्लंघन: बिना स्वास्थ्य चेतावनी या गलत चेतावनी वाले पैकेट में तंबाकू उत्पादों का उत्पादन, आपूर्ति या बिक्री करना इस धारा का उल्लंघन है।
कोटपा अधिनियम का उद्देश्य सिर्फ जुर्माना लगाना नहीं है, बल्कि लोगों को तंबाकू के सेवन से दूर रखकर एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
Leave a comment