विदुर गुरु ग्रह इंटर कॉलेज के हिंदी अध्यापक रवि प्रकाश आर्य विशेष रूप से सम्मानित
डॉ. राम स्वरूप आर्य स्मृति हिंदी शोध संस्थान का सम्मान
~ भूपेंद्र निरंकारी
बिजनौर। हिंदी दिवस के अवसर पर, डॉ. राम स्वरूप आर्य स्मृति हिंदी शोध संस्थान ने हिंदी भाषा के संवर्धन में समर्पित शिक्षकों और विद्वानों को सम्मानित किया। इस समारोह में विदुर गुरु ग्रह इंटर कॉलेज, विदुर कुटी के हिंदी अध्यापक रवि प्रकाश आर्य को उनकी हिंदी भाषा के प्रति गहरी लगन और समर्पण के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

हिंदी के प्रति आर्य परिवार का योगदान
हिंदी से रवि प्रकाश आर्य का गहरा जुड़ाव रहा है। उनके पिता डॉ. राम स्वरूप आर्य वर्धमान डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष थे। उन्होंने अनेक पुस्तकों की समीक्षा की और हिंदी भाषा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, साथ ही लोगों को हिंदी के महत्व से भी परिचित कराया। रवि प्रकाश आर्य के बड़े भाई, डॉ. चंद्रप्रकाश आर्य, भी वर्धमान डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष रहे हैं और उन्होंने भी हिंदी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
हिंदी पर रवि प्रकाश आर्य की कविता
इस अवसर पर, श्री रवि प्रकाश आर्य ने अपनी स्वरचित कविता ‘हिंदी भाषा है अद्भुत निराली’ का पाठ किया, जिसमें उन्होंने हिंदी भाषा की सुंदरता और महत्व को दर्शाया। कविता की पंक्तियाँ थीं….
“हिंदी भाषा है अद्भुत निराली, जैसी लिखी वैसे ही पढ़ी जाने वाली, रिश्तों को प्यारा सा संबोधन देने वाली, जन-जन को एक सूत्र में बांधने वाली, विश्व में अपनी अलग पहचान बनाने वाली”
रवि प्रकाश आर्य ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है और हम सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। उनके अनुसार, हिंदी केवल एक भाषा नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और पहचान का प्रतीक है, जिसे हमें संरक्षित और सम्मानित करना चाहिए।
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