विधवा महिला ने लगाया शारीरिक शोषण और मारपीट का आरोप
जेई मुकुल यादव कानून के शिकंजे में, पत्रकार भी फर्जी मुकदमे का शिकार!
लखनऊ। रेजिडेंसी परीक्षण खंड पर कार्यरत और जनपद बदायूं में तैनात रहे तत्कालीन टेक्नीशियन ग्रेड 2 जेई मुकुल यादव एक गंभीर मामले में फंस गए हैं। गाजियाबाद की एक विधवा महिला ने उन पर शारीरिक शोषण, अपनी नाबालिग बेटी के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह मुकदमा पारा थाने में दर्ज किया गया है।

यह था पूरा मामला
गाजियाबाद निवासी मुकुल यादव, सीमा राठौर के घर किराए पर रहता था। सीमा के पति की कुछ समय पहले मृत्यु हो चुकी थी। महिला का आरोप है कि मुकुल ने उनसे शादी का वादा करके कई वर्षों तक पति-पत्नी की तरह संबंध रखे, लेकिन बाद में अचानक किसी और महिला से शादी कर ली।
सीमा के अनुसार, मुकुल ने उन्हें लखनऊ बुलाया और एक होटल में उनके सभी वीडियो, फोटो और दस्तावेज डिलीट कर दिए। इसके बाद उसने सीमा का नंबर ब्लॉक कर दिया और विरोध करने पर उनके और उनकी बेटी के साथ मारपीट भी की।

खुद को बचाने के लिए महिला पर दर्ज कराया मुकदमा
महिला को प्रताड़ित करने की सारी हदें पार करते हुए मुकुल ने धोखे से सीमा को अपने घर बुलाकर, उन पर मारपीट का आरोप लगाया। मुकुल ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर सीमा के खिलाफ पारा थाने में ही एक मुकदमा दर्ज करा दिया।
पत्रकारों को भी फर्जी मुकदमों में फंसाने का आरोप
मुकुल यादव पहले भी अपने कारनामों को लेकर विवादों में रहे हैं। काकोरी क्षेत्र में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने एक भाजपा नेता और एक डॉक्टर की पत्नी को फर्जी तरीके से बिजली चोरी के मामले में फंसाया था। जब पत्रकारों ने इस पर खबर लिखी, तो उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए तत्कालीन एसडीओ संतोष पाठक के साथ मिलकर उन पर भी मुकदमा दर्ज करवा दिया।
ऊर्जा मंत्री की नाराजगी के बाद हुआ था निलंबन
क्षेत्र के उपभोक्ताओं को परेशान करने और बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति को लेकर उपभोक्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शनों के बाद, ऊर्जा मंत्री ने मुकुल यादव के निलंबन के आदेश दिए थे।

पुलिस जांच जारी, गिरफ्तारी जल्द होने की उम्मीद
पीड़ित महिला ने बताया कि मरियाहू और पारा थाने में लगातार शिकायत देने के बाद भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। आखिरकार, सहायक पुलिस आयुक्त काकोरी, शकील अहमद के निर्देश पर पारा थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
पारा थाने के प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई निश्चित रूप से होगी।
अन्य अधिकारियों की भी बढ़ सकती हैं मुश्किलें
चौक थाने में भी मुकुल यादव ने अपने ससुर के इंस्पेक्टर होने और समाजवादी पार्टी के नेता से रिश्तेदारी का रौब दिखाकर दो पत्रकारों के साथ मारपीट करने के बाद उन्हीं पर मुकदमा दर्ज कराया था। विधिक सूत्रों के अनुसार, न्यायालय ने पत्रकारों की याचिका पर संज्ञान लेते हुए आरोपियों को दो बार हाजिर होने का मौका दिया था, लेकिन उनके पेश नहीं होने पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया।
चौक थाने में पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे में सभी अवर अभियंता, उपखंड अधिकारी और अधिशासी अभियंता वादी थे। अब न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद वे सभी आरोपी बन सकते हैं। यह भी गौरतलब है कि भ्रष्टाचार की खबरों को रोकने के लिए मुकुल यादव को विक्टोरिया उपकेंद्र से हटाकर रेजिडेंसी परीक्षण खंड में तैनात किया गया था।
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