आज जयंती पर विशेष
उनकी प्रमुख उपलब्धियों पर डालें नजर
डॉ. मनमोहन सिंह : एक अर्थशास्त्री से राजनेता तक की प्रेरणादायक यात्रा
~ जितेंद्र सिंह कक्कड़, नजीबाबाद (बिजनौर)
26 सितंबर, 2025 – आज डॉ. मनमोहन सिंह जी का जन्मदिन है, जिन्हें भारत की आर्थिक क्रांति का जनक कहा जाता है। 26 सितंबर 1932 को अविभाजित पंजाब के गाह गांव (अब पाकिस्तान में) में जन्मे डॉ. सिंह ने अपने जीवनकाल में अर्थशास्त्र, नौकरशाही और राजनीति के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ी। वे भारत के 14वें प्रधानमंत्री (2004-2014) रहे और सिख समुदाय से आने वाले पहले तथा एकमात्र प्रधानमंत्री थे। उनकी विद्वता, नम्रता और दूरदर्शिता ने भारत को वैश्विक पटल पर मजबूत बनाया। दुर्भाग्यवश, 26 दिसंबर 2024 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी विरासत आज भी प्रेरणा स्रोत बनी हुई है। इस जयंती पर, आइए उनकी प्रमुख उपलब्धियों पर नजर डालें, जो करोड़ों भारतीयों के जीवन को बदलने वाली साबित हुईं।

प्रारंभिक जीवन और शैक्षणिक यात्रा: विद्वान की नींव
डॉ. मनमोहन सिंह का सफर विनम्र शुरुआत से ही असाधारण था। विभाजन के बाद भारत आकर उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से मैट्रिक पास किया, फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी की डिग्री प्राप्त की। 1957 में ऑक्सफोर्ड से डी.फिल. की उपाधि हासिल करने के बाद वे भारत लौटे। उनकी शैक्षणिक उत्कृष्टता ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई। 1956 में कैम्ब्रिज के एडम स्मिथ पुरस्कार से सम्मानित होने वाले वे पहले भारतीय थे।
आर्थिक सुधारों के जनक: 1991 का ऐतिहासिक बजट
डॉ. सिंह की सबसे बड़ी उपलब्धि तब आई जब 1991 में वे वित्त मंत्री बने। उस समय भारत आर्थिक संकट के गर्त में था, – विदेशी मुद्रा भंडार मात्र दो सप्ताह के आयात के लिए पर्याप्त था। प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव के नेतृत्व में डॉ. सिंह ने उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियां लागू कीं। उन्होंने लाइसेंस राज समाप्त किया, विदेशी निवेश को प्रोत्साहित किया और अर्थव्यवस्था को खोला। उनका प्रसिद्ध कथन – “कोई शक्ति धरती पर उस विचार को रोक नहीं सकती, जिसका समय आ गया हो” – आज भी प्रासंगिक है। इन सुधारों ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ा और विकास की नई गति प्रदान की।

प्रधानमंत्री के रूप में दशक भर की नेतृत्व: विकास और समावेशिता की कहानी
2004 में सोनिया गांधी के समर्थन से वे प्रधानमंत्री बने और 2009 में पूर्ण कार्यकाल पूरा करने के बाद पुनः चुने गए – जवाहरलाल नेहरू के बाद ऐसा करने वाले पहले प्रधानमंत्री। उनके नेतृत्व में भारत ने ऐतिहासिक 7.7% की औसत वार्षिक विकास दर हासिल की, जिससे अर्थव्यवस्था लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर की हो गई। 2007 में जीडीपी वृद्धि 9% पहुंची, और भारत विश्व की दूसरी सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था बना।
प्रमुख उपलब्धियां:
– सामाजिक कल्याण योजनाएं: उन्होंने ‘राइट्स-बेस्ड अप्रोच’ अपनाई। मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ने ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिनों का रोजगार गारंटी दिया, जिससे लाखों गरीबों को राहत मिली। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम ने 6-14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित की। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम ने भोजन की पहुंच बढ़ाई।
– परमाणु समझौता: 2008 में अमेरिका के साथ नागरिक परमाणु समझौता (इंडो-यूएस न्यूक्लियर डील) उनकी कूटनीतिक विजय थी। इससे भारत पर तीन दशकों का परमाणु प्रतिबंध हटा, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई और वैश्विक साझेदारी बढ़ी। वामपंथी दलों के विरोध के बावजूद, समाजवादी पार्टी का समर्थन जुटाकर उन्होंने विश्वास मत जीता।
– विज्ञान और प्रौद्योगिकी में योगदान: चंद्रयान-1 (2008) और मंगलयान (2013) मिशनों को मंजूरी दी, जो भारत की अंतरिक्ष क्षमता का प्रतीक बने। इनसे विज्ञान बजट में वृद्धि हुई और युवाओं को प्रेरणा मिली।
– विदेश नीति और वैश्विक छवि: उनके कार्यकाल में भारत-अमेरिका संबंध मजबूत हुए, और जी-20 जैसे मंचों पर भारत की आवाज बुलंद हुई। उन्होंने गरीबी उन्मूलन पर जोर दिया, जिससे करोड़ों लोग गरीबी रेखा से ऊपर उठे।
सम्मान और विरासत: एक सादगीपूर्ण व्यक्तित्व
डॉ. सिंह को पद्म विभूषण (1987), यूरोमनी फाइनेंस मिनिस्टर ऑफ द ईयर (1993) जैसे अनेक पुरस्कार मिले। वे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर (1982-85), योजना आयोग के उपाध्यक्ष और यूजीसी चेयरमैन भी रहे। उनकी पुस्तकें, जैसे ‘चेंजिंग इंडिया’, उनकी आर्थिक दृष्टि को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें “भारत का सबसे विशिष्ट नेता” कहा, और उनका निधन राष्ट्रीय शोक का विषय बना।
डॉ. मनमोहन सिंह जी सिखाते हैं कि सच्ची नेतृत्व क्षमता चुप्पी में भी बोलती है। उनकी उपलब्धियां न केवल आंकड़ों में, बल्कि हर उस भारतीय के जीवन में झलकती हैं जो आज स्वप्न देख सकता है। जयंती पर उन्हें नमन! उनकी स्मृति हमें समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे।
संदर्भ:
– विकिपीडिया और ब्रिटानिका से जीवनचरित्र।
– भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वेबसाइट से विकास आंकड़े।
– एनपीआर और बीबीसी से परमाणु डील व सामाजिक योजनाओं का विवरण।
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