डीजीपी ने किया उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित
सेवा से सम्मान तक: UP पुलिस के तीन स्तंभों की विदाई और उनकी विशिष्ट विरासत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय आज तीन ऐसे वरिष्ठ अधिकारियों की विदाई का साक्षी बना, जिन्होंने अपने दशकों के सेवाकाल में न सिर्फ कानून-व्यवस्था को मजबूत किया, बल्कि अपनी विशिष्ट उपलब्धियों से पुलिस संगठन के लिए एक अमिट विरासत भी छोड़ी। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण द्वारा आयोजित एक भावभीनी विदाई समारोह में डॉ. जी. के. गोस्वामी (ADG), श्री कमला प्रसाद यादव (DIG) और श्री पंकज कुमार पाण्डेय (SP) को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारियों की प्रमुख उपलब्धियाँ और योगदान 🏅
1. डॉ. जी. के. गोस्वामी, अपर पुलिस महानिदेशक (ADG)(IPS, 1997 बैच, सेवाकाल: 28+ वर्ष)
फॉरेंसिक विज्ञान में नेतृत्व: उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) के निदेशक के रूप में, उन्होंने संस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आधुनिकीकरण: पुलिस इन्वेस्टिगेशन और क्राइम सीन मैनेजमेंट में अत्याधुनिक तकनीकों और साइंटिफिक उपकरणों के उपयोग को बढ़ावा दिया।
जांच में विशेषज्ञता: जटिल आपराधिक मामलों की वैज्ञानिक जांच और विश्लेषण में उनकी विशेषज्ञता ने कई हाई-प्रोफाइल केसों को निर्णायक मोड़ दिया।

2. श्री कमला प्रसाद यादव, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG)(PPS, 1994 बैच, सेवाकाल: 30+ वर्ष)
भ्रष्टाचार पर नियंत्रण: भ्रष्टाचार निवारण संगठन में रहते हुए, उन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध कई सफल ऑपरेशन का नेतृत्व किया और सरकारी विभागों में पारदर्शिता लाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
फील्ड ऑपरेशन: विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में तैनाती के दौरान, उन्होंने सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और गंभीर अपराधों के नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
सामुदायिक पुलिसिंग: सामुदायिक पुलिसिंग और जन-संवाद के माध्यम से पुलिस-जनसंपर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
3. श्री पंकज कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक (SP)(PPS, 1999 बैच, सेवाकाल: 26+ वर्ष)
पीएसी में सुधार: पीएसी मुख्यालय में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने प्रोविंशियल आर्म्ड कॉन्स्टेबुलरी (PAC) की कार्यप्रणाली और जवानों के प्रशिक्षण स्तर में सुधार लाने के लिए कई पहल कीं।
सुरक्षा व्यवस्था: प्रमुख आयोजनों और चुनाव के दौरान कुशल बल प्रबंधन और सुरक्षा योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया।
अनुशासन और प्रशिक्षण: पीएसी जवानों के बीच अनुशासन और व्यावसायिकता को बढ़ाने पर केंद्रित कार्य किया।

विदाई के साथ पुलिस विभाग के लिए उनकी अमूल्य विरासत को भी नमन
डीजीपी राजीव कृष्ण ने विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इन अधिकारियों की सेवानिवृत्ति उत्तर प्रदेश पुलिस बल के लिए एक भावुक क्षण है। डीजीपी ने कहा: “आज हम न सिर्फ तीन उत्कृष्ट अधिकारियों को विदाई दे रहे हैं, बल्कि पुलिस विभाग के लिए उनकी अमूल्य विरासत को भी नमन कर रहे हैं। डॉ. जी. के. गोस्वामी ने वैज्ञानिक जांच के क्षेत्र में यूपी पुलिस को एक नई दिशा दी है। उनकी विशेषज्ञता के बिना, कई जटिल मामले अनसुलझे रह जाते। श्री कमला प्रसाद यादव ने अपनी 30 वर्षों की सेवा में ईमानदारी और निर्भीकता का जो मानक स्थापित किया है, वह हर युवा अधिकारी के लिए एक प्रेरणा है। वहीं, श्री पंकज कुमार पाण्डेय ने अपनी सेवाओं से पुलिस बल को संगठनात्मक और क्रियात्मक मजबूती प्रदान की है।”
स्वस्थ और सुखी सेवानिवृत्त जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं
डीजीपी ने कहा कि”इन अधिकारियों ने अपने लंबे सेवाकाल में न केवल चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना किया, बल्कि हमेशा कानून और न्याय के प्रति अपनी निष्ठा को सर्वोपरि रखा। उनका सेवाकाल ‘सेवा, सुरक्षा और सहयोग’ के हमारे आदर्श वाक्य का सच्चा प्रतिबिंब रहा है। हम उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं और उनके स्वस्थ और सुखी सेवानिवृत्त जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं देते हैं। उनकी विरासत हमेशा हमारे बल का मार्गदर्शन करती रहेगी।” विदाई समारोह में पुलिस मुख्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी तीनों सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनकी सेवाओं के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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