उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) से छह जिलों का होगा कायाकल्प
26,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र का विकास
UP के 6 जिले अलग कर के बनेगा SCR
~ शैली सक्सेना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की तर्ज़ पर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) के गठन की योजना को तेज़ कर दिया है, जिसका उद्देश्य राजधानी लखनऊ और इसके पड़ोसी जिलों का सुनियोजित और बड़े पैमाने पर विकास करना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत 26,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र को कवर किया जाएगा।

UPSCR का दायरा और शामिल जिले
उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) में लखनऊ सहित कुल छह जिले शामिल होंगे। इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल लगभग 27,826 वर्ग किमी है। ये हैं शामिल जिले.
- 1. लखनऊ
- 2. हरदोई
- 3. सीतापुर
- 4. उन्नाव
- 5 रायबरेली
- 6. बाराबंकी
इन जिलों की जनसंख्या और बसावट को आधार बनाकर विकास का विस्तृत खाका खींचा जाएगा।
विकास की प्रमुख योजनाएं और उद्देश्य
UPSCR के गठन का मुख्य उद्देश्य इन सभी जिलों में समेकित और नियोजित विकास सुनिश्चित करना है, ताकि यहां के निवासियों को दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अत्याधुनिक सुविधाएं मिल सकें।

बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी
क्षेत्र में हाई-स्पीड रेल और रोड कनेक्टिविटी का एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे जिलों के बीच आवागमन तेज और सुगम हो सके। इसमें लखनऊ मेट्रो का विस्तार भी शामिल है। आर्थिक विकास और रोजगार: स्पेशल इकोनॉमिक जोन और इंडस्ट्रियल जोन स्थापित किए जाएंगे। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक व व्यावसायिक विकास को नई दिशा मिलेगी।
सामाजिक अवसंरचना
किफायती आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। आबादी के अनुपात में इन सेवाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा। क्षेत्रीय महायोजना का निर्माण: इस पूरे क्षेत्र के विकास के लिए एक विस्तृत क्षेत्रीय महायोजना (Regional Master Plan) तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर अगले पांच वर्षों में परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। यह योजना न केवल राजधानी क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार देगी।
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