पुलिस ने दबोचे 7 मुस्लिम और 4 हिन्दू फर्जी बाबा
“ऑपरेशन कालनेमि” में हुआ खुलासा
भगवा चोले में ठगी कर रहे थे दूसरे समुदाय के युवक!
देहरादन/रुड़की। उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन कालनेमि’ के तहत पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। रुड़की की सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने साधु-संतों का भेष धरकर लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले 11 बहरूपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए ठगों में से कई दूसरे समुदाय के हैं, जो अपनी पहचान छिपाकर भगवा वस्त्रों में ठगी कर रहे थे।
महिलाओं और युवाओं को बनाते थे निशाना
एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि ये फर्जी बाबा गलियों और मोहल्लों में घूमकर महिलाओं और युवाओं को अपनी बातों में फंसाते थे। वे ‘घरेलू क्लेश दूर करने’ और ‘किस्मत बदलने’ का झांसा देकर उनसे मोटी रकम और कीमती सामान ठग लेते थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश के बाद पुलिस ने सत्यापन अभियान तेज किया, जिसके बाद इन पाखंडियों का पर्दाफाश हुआ।

पहचान छिपा कर बने हुए थे साधु
पुलिस द्वारा जारी सूची के अनुसार, गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के युवक शामिल हैं। इनमें से कई अपनी धार्मिक पहचान छिपाकर साधु बने हुए थे:
- मुजफ्फरनगर (UP): अमजद, साकिर, इरफान।
- सहारनपुर (UP): शहजाद, आरिफ।
- शामली (UP): मोमिन।
- अन्य: साहिल (हरियाणा), मुकेश (हरिद्वार), रामपाल, सुरेश और राजू (उत्तर प्रदेश)।
सत्यापन में खुली पोल
एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल ने बताया कि ‘ऑपरेशन कालनेमि‘ का नाम रामायण के उस प्रसंग पर रखा गया है, जहाँ कालनेमि राक्षस ने हनुमान जी को धोखा देने के लिए साधु का रूप धरा था। पुलिस ने जब इन संदिग्धों को रोककर पूछताछ की और उनके आईडी प्रूफ (आधार कार्ड आदि) चेक किए, तो उनकी असलियत सामने आ गई।
पुलिस की जनता से अपील
किसी भी अनजान बाबा या तांत्रिक के बहकावे में न आएं। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति भेष बदलकर आपके इलाके में घूमता दिखे, तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर सूचना दें।
“सनातन संस्कृति की पवित्रता को भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। जो लोग भेष बदलकर ठगी कर रहे हैं, उनके खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।” > — शेखर चंद्र सुयाल, एसपी देहात
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