फूलों से लद जाएगा आपका बगीचा
सर्दियों में गुलाब की रंगत बढ़ाएगी मात्र 10 रुपये की फिटकरी
खास बात:
* मिट्टी का pH लेवल ठीक करती है फिटकरी।
* कीटों और फंगस से बचाकर जड़ों को बनाती है मजबूत।
* महीने में सिर्फ एक बार इस्तेमाल से दिखता है जादुई असर।
~ शैली सक्सेना
लखनऊ/नई दिल्ली/बागवानी डेस्क: सर्दियों का मौसम दस्तक दे चुका है और बागवानी के शौकीनों के लिए यह गुलाब के पौधों की देखभाल का सबसे महत्वपूर्ण समय है। अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनका गुलाब का पौधा हरा-भरा तो है, लेकिन उसमें कलियां नहीं आ रही हैं। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो रसोई में इस्तेमाल होने वाली मात्र 5-10 रुपये की फिटकरी (Alum) आपके बगीचे की कायापलट कर सकती है। आइए जानते हैं गुलाब के लिए फिटकरी के फायदे और इसके इस्तेमाल का सही तरीका…

गुलाब के लिए क्यों ‘वरदान’ है फिटकरी?
फिटकरी में मुख्य रूप से एल्युमिनियम और पोटैशियम सल्फेट पाया जाता है। गुलाब के पौधों को फलने-फूलने के लिए थोड़ी अम्लीय (Acidic) मिट्टी की आवश्यकता होती है। कई बार लगातार पानी देने या खाद के गलत इस्तेमाल से मिट्टी क्षारीय (Alkaline) हो जाती है, जिससे पौधा पोषक तत्व सोखना बंद कर देता है। फिटकरी मिट्टी के pH स्तर को संतुलित करती है। इसके अलावा, यह एक प्राकृतिक कीटनाशक (Pesticide) के रूप में कार्य करती है, जो जड़ों में लगने वाले हानिकारक कीटों और फंगस को खत्म करती है।
फिटकरी का घोल तैयार करने की विधि
फिटकरी का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतनी जरूरी है, क्योंकि इसकी अधिकता मिट्टी को नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसे इस्तेमाल करने के दो प्रमुख तरीके हैं:
तरल घोल (Liquid Solution): एक लीटर पानी में फिटकरी का एक छोटा टुकड़ा (लगभग 20-30 ग्राम) डालकर 5 मिनट के लिए छोड़ दें। जब पानी हल्का दूधिया होने लगे, तो टुकड़ा बाहर निकाल लें। अब इस पानी को पौधे की जड़ों में डालें।
पाउडर विधि: फिटकरी को पीसकर महीन पाउडर बना लें। एक गमले के लिए आधा छोटा चम्मच पाउडर काफी है। इसे मिट्टी में चारों ओर छिड़क कर हल्की गुड़ाई कर दें।
विशेष टिप: फिटकरी डालने से एक दिन पहले गमले की मिट्टी की गुड़ाई करें और उसे थोड़ा सूखने दें। सूखी मिट्टी घोल को जड़ों तक गहराई से सोखती है।

सर्दियों में गुलाब को फूलों से भरने के 5 अचूक उपाय
सिर्फ फिटकरी ही नहीं, गुलाब की बेहतर ग्रोथ के लिए इन पांच बातों का ध्यान रखना भी अनिवार्य है:
1. धूप की खुराक: गुलाब ‘धूप का प्रेमी’ पौधा है। सर्दियों की हल्की धूप में इसे कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप वाली जगह पर रखें।
2. पानी का संतुलन: सर्दियों में वाष्पीकरण कम होता है, इसलिए अधिक पानी देने से बचें। जब ऊपर की एक इंच मिट्टी सूखी दिखे, तभी पानी दें।
3. सही समय पर प्रूनिंग (छंटाई): सूखी टहनियों और मुरझाए हुए फूलों को समय-समय पर काटते रहें। इससे पौधे की ऊर्जा नई शाखाएं और कलियां बनाने में लगती है।
4. जैविक खाद का पोषण: 15-20 दिनों के अंतराल पर गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या सरसों की खली का तरल फर्टिलाइजर दें।
5. सावधानी है जरूरी: फिटकरी का प्रयोग महीने में सिर्फ एक बार ही करें। बार-बार इसके इस्तेमाल से मिट्टी जरूरत से ज्यादा अम्लीय हो सकती है, जो पौधे को सुखा सकती है।
अगर आप धूप, पानी और खाद के साथ फिटकरी का सही तालमेल बिठा लेते हैं, तो इस सर्दी आपका बगीचा न सिर्फ गुलाब की खुशबू से महकेगा, बल्कि फूलों के आकार और रंग में भी स्पष्ट सुधार दिखेगा।
💡 एक्सपर्ट की सलाह: अधिक फूलों के लिए ‘सीक्रेट फर्टिलाइजर’
यदि फिटकरी के साथ आप घर में बची हुई इस्तेमाल की गई चाय की पत्ती (अच्छी तरह धोकर सुखाई हुई) मिट्टी में मिलाते हैं, तो यह सोने पर सुहागा का काम करती है। चाय की पत्ती में मौजूद नाइट्रोजन और फिटकरी का अम्लीय गुण मिलकर गुलाब को नर्सरी जैसा लुक देते हैं।
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