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कालाबाजारी में अब तक दो दर्जन आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार। पांच से छह हजार रुपए में खरीद कर बेचते थे 20 से 25 हजार में।

लखनऊ। कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में कारगर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। बंथरा पुलिस ने रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले दो लोगों को धर दबोचा, जबकि सरगना भाग निकला। पकड़े गए आरोपितों में एक अपोलो अस्पताल का कर्मचारी बताया जा रहा है। आरोपियों के कब्जे दो इंजेक्शन बरामद हुए हैं।

इंस्पेक्टर बंथरा के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर सोमवार देर रात हनुमान मंदिर के पास दो आरोपियों को पकड़ा गया है जबकि गिरोह का सरगना भाग निकला। गिरफ्तार आरोपितों में विकास सिंह उर्फ लकी निवासी बंथरा कस्बा, अल्ताफ आलम निवासी श्रावस्ती भिनगा, वर्तमान समय में एलडीए कॉलोनी सेक्टर डी कृष्णानगर में रहता है। अल्ताफ  ने बताया कि वह अपोलो अस्पताल का कर्मचारी है। सरगना अनुज निवासी हरदोई भाग निकला। अनुज पकड़े गये आरोपियों को इंजेक्शन उपलब्ध कराता था। मौके से दो इंजेक्शन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी विकास का बंथरा में मेडिकल स्टोर हैं। आरोपियों ने अब तक दर्जनभर से अधिक इंजेक्शन बेचने की बात कबूल की है। पुलिस का कहना है कि अनुज पांच से छह हजार रुपए में इंजेक्शन देता था और यह लोग 20 से 25 हजार में बेचते थे।

गौरतलब है कि 22 व 23 अप्रैल को लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने ठाकुरगंज, नाका, मानक नगर, अमीनाबाद व गोमतीनगर से 18 लोगों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से भारी मात्रा में नकली व असली रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए थे। वहीं अमीनाबाद पुलिस ने बीते सोमवार को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।

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