
स्वास्थ्य सुरक्षा को देनी होगी प्राथमिकता : गामेंद्र सिंह गजरौलिया
बिजनौर। युवा समाजसेवी व भारतीय बौद्ध संघ के जिला अध्यक्ष गामेंद्र सिंह गजरौलिया ने कहा है कि कोविड-19 की दूसरी लहर ने देश में तबाही मचा रखी है, शव नदी में बह रहे हैं। उन्हें जलाने के लिए लकडिय़ां तक नहीं मिल रही हैं। कोविड-19 के कहर से गंगा घाटों पर लाशों के अंबार, और कब्रिस्तान में भी अधिक संख्या में शव दफनाए जा रहें हैं।
गामेंद्र सिंह गजरौला ने प्रेस को जारी एक बयान में कहा कि 21 वीं शताब्दी के भारतवर्ष में जहां एक तरफ दूसरे ग्रहों पर जीवन की संभावना तलाशने की कोशिश की जा रही है, वहीं भारत के अस्पतालों में ऑक्सीजन और बेड की कमी से लोग दम तोड़ रहें हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र की हालत कितनी खराब है। भारतवर्ष के अमूमन हर राज्य में चिकित्सा कर्मीयों के लगभग आधे से ज्यादा पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण पाना इतना आसान नहीं है कि कोई जादू की छड़ी एक बार घुमा दी और यह नियंत्रित हो जाए। महामारी पर नियंत्रण एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है, जिसमें ग्रामीण स्तर तक मजबूत स्वास्थ्य ढांचा, सरकार की इच्छा शक्ति, प्रबंधन, संसाधन, जन जागरूकता इत्यादि बहुत महत्वपूर्ण और अहम भूमिका अदा करते हैं।
युवा समाजसेवी ने कहा कि कोविड-19 वायरस शुरू होने की तारीख तो हम जानते हैं लेकिन यह महामारी कब खत्म होगी यह किसी किताब के किसी पृष्ठ पर नहीं लिखा है और ना ही कोई विशेषज्ञ इसे बता सकता है। इसलिए अब समय आ गया है कि हम सर्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सबसे प्राथमिकता पर रखें और उसको मजबूत करें। आप कल्पना करें कि इससे भी भयानक महामारी अगर आई तो यह और भी जानलेवा और खतरनाक साबित होगी। इसलिए देश की स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना ही पड़ेगा। हमारे देश की केंद्र व राज्य सरकारों को स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। जल्द से जल्द इस महामारी को रोकने के उपाय केंद्र व राज्य सरकारों को करनें होंगे।
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