
रोडवेज पर बसें तो हैं, लेकिन यात्री नहीं पिछली बार की तरह पसरा है सन्नाटा
बिजनौर (आसिफ अली)। लॉकडाउन के चलते रोडवेज पर बसें तो खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं है। ईद उल फितर के त्योहार के मौके पर रोडवेज पर यात्रियों की भीड़ लगी रहती थी। बसें खचाखच भर कर चलती थीं, लेकिन इस बार कोविड-19 महामारी के कारण बसें तो रोडवेज पर खड़ी हैं, लेकिन यात्री नहीं हैं। रोडवेज को भी कोविड-19 के कारण काफी घाटा हो रहा है।रोडवेज पर ऐसे जरूरतमंद लोग भी घूमते हैं जो यात्रियों से मांग कर अपनी जरूरत पूरी करते हैं। कुछ लोग बसों में अपना सामान बेचकर परिवार चलाते हैं। यह लोग भी मायूस हैं क्योंकि इस बार भी ईद के मौके पर रोडवेज पर यात्री ही नहीं हैं। विदित हो कि पिछली ईद पर भी लॉक डाउन लगा हुआ था और रोडवेज पर इसी तरह का हाल था, यानी यह दूसरी ईद है जब रोडवेज पर सन्नाटा पसरा पड़ा है। इस लॉकडाउन ने जरूरतमंदों की कमर तोड़ कर रख दी है। उनका हाल पूछने वाला कोई नहीं है। ई-रिक्शा चलाने वाले भी अपनी रोजी की तलाश में भटक रहे हैं। उन्हें भी सवारी नहीं मिल रही और पुलिस का डर भी उन्हें सताता है। कोविड-19 के चलते इस वर्ष भी ईद का त्योहार फीका रहा। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए सरकार की गाइडलाइन का पालन किया। लोग ईदगाह में नमाज अदा करने नहीं पहुंचे। मुस्लिम समाज के लोगों ने घरों में ही रहकर ईद की नमाज अदा की। पुलिस ईदगाह,मस्जिदों पर सुबह से ही तैनाती रही।
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