
UP New Population Policy
लखनऊ (एकलव्य बाण समाचार)। राज्य नीति आयोग में नई जनसंख्या नीति पर मसौदा तैयार कर सरकार को सौंप दिया है। इसके बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इस नई जनसंख्या नीति के मसौदे का विमोचन किया। अगर सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले समय में 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले अभिभावकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
77 सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं- राज्य विधि आयोग द्वारा तैयार नई जनसंख्या नीति के अनुसार उत्तर प्रदेश में जिन लोगों के 2 बच्चों से ज्यादा होंगे वह सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माने जाएंगे। इस साथ पदोन्नति पर भी रोक लगा दी जाएगी। सब्सिडी और चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाई जाएगी। 2 बच्चों से ज्यादा वाले अभिभावकों को कुल 77 तरह की सरकारी योजनाओं व अनुदान का लाभ नहीं मिल पाएगा।
निकाय चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध- जिन लोगों के 2 से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें सरकारी नौकरी नहीं दी जाएगी। अगर पहले से सरकारी नौकरी पर हैं तो पदोन्नति पर रोक लगा दी जाएगी। इसके साथ ही अन्य सरकारी सेवाएं राशन‚ सब्सिडी आदि के साथ निकाय चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
समाज में आएगी खुशहाली- नई जनसंख्या नीति मसौदे के विमोचन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या विकास की राह में रोड़ा बनी हुई है। इसमें पहल करते हुए प्रदेश सरकार नई जनसंख्या नीति लेकर आई है। इस जनसंख्या नीति से प्रदेश में हर समाज के वर्ग और तबके को जोड़ना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए जागरूकता बहुत जरूरी है इससे समाज में खुशहाली आएगी।
गरीबी का मुख्य कारण जनसंख्या- सीएम योगी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण पर पिछले चार दशकों से चर्चा होती रही है। देश की गरीबी का मुख्य कारण जनसंख्या ही है। जनसंख्या नीति में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि दो बच्चों के बीच भी अंतर होना भी बहुत जरूरी है। अगर दो बच्चों के बीच अंतर नहीं होता है तो बच्चों में कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है।
देना होगा शपथ पत्र- विधेयक लागू होने के बाद सभी सरकारी व स्थानीय निकाय में चुने गए जनप्रतिनिधियों को शपथ पत्र देना होगा, जिसमें वह यह घोषणा करेंगे कि वह तीसरी संतान पैदा नहीं करेंगे। शपथ पत्र के बाद भी अगर वे तीसरी संतान पैदा करते हैं तो प्रतिनिधि का निर्वाचन रद्द कर दिया जाएगा। वहीं सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन रद्द या सेवा भी समाप्त हो सकेगी।
सरकारी कर्मचारियों को ये लाभ– नई जनसंख्या नीति का पालन करने वाले सरकारी कर्मचारी को सरकार प्रमोशन‚ वेतन वृद्धि‚ सरकारी योजनाओं का लाभ‚ भत्ते आदि देगी। ऐसे सरकारी कर्मचारियों को पूरी सेवा के दौरान 2 अतिरिक्त वेतन वृद्धि भी की जाएगी। इसके अलावा भत्तों के साथ 12 महीने का मातृत्व या पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। राष्ट्रीय पेंशन योजना के तहत नियुक्त अंशदान कोष में 3% की वृद्धि भी की जाएगी।
प्राइवेट कर्मचारियों को भी फायदे- प्राइवेट क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सरकार पानी‚ बिजली‚ हाउस टैक्स‚ होम लोन में छूट के साथ अन्य सुविधाएं भी देगी। इसके अलावा ऐसे कर्मचारियों को समय-समय पर अन्य लाभ भी मिलते रहेंगे। सरकार माध्यमिक स्कूलों में भी जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े विषय को पढ़ाने पर जोर देगी।
कोर्ट में दी जा सकती है चुनौती! जानकारों का कहना है कि चुनावी साल में भले योगी सरकार नई जनसंख्या नीति को लेकर लोगों की वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है लेकिन यह काम उतना आसान नही है। सरकार के इस कदम को कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है। जनसंख्या नियंत्रण कानून राष्ट्रीय मुद्दा है। राज्य सरकार के पास इसे लागू करने का संविधानिक अधिकार नहीं है। ऐसे में कोर्ट में योगी सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो सकती है।
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