newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

पंचदेव यादव (एकलव्य बाण समाचार)।

लखनऊ। राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष राम निवास यादव ने कृषि बिल का विरोध कर रहे किसान नेताओं की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश का किसान नये कृषि बिलों का स्वागत करते हुए बिल के साथ है तो वहीं कुछ तथाकथित किसान नेता कुछ राजनैतिक दलों से साँठ-गाँठ कर इन बिलों का विरोध कर रहे हैं।

इनका उद्देश्य किसान हित नहीं- राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के अध्यक्ष ने कहा कि इनका उद्देश्य किसान हित न होकर अपनी-अपनी राजनैतिक जमीन बनाना है, जिसको पूरे देश का किसान समझ गया है। यही कारण है कि देश का असली किसान इन कथित किसान नेताओं का साथ नहीं दे रहा है। इस कारण यह बौखला कर बिचौलियों के साथ साँठ-गाँठ करके आन्दोलन कर रहे हैं। हम सब के नेता स्व. महेन्द्र सिंह टिकैत ने सबसे पहले इन्ही मांगों को लेकर आन्दोलन किया था कि किसानों को बिचौलियों से मुक्त किया जाये तथा देश के किसानों को अपनी फसल अपने दामों में कही भी बेचने की अनुमति दी जाये। इसके साथ ही खेती में भी उन लोगों की तरह सहूलियतें दी जाएं। आज जब मोदी सरकार ने किसानों के हितों को देखते हुए नये कृषि बिल लागू किए हैं, तो कुछ कथित किसान नेता इन बिलों का विरोध करने लगे हैं।

जनता व प्रशासन को दे रहे धमकी? राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन के मीडिया प्रभारी केशरी राव धारा सिंह यादव ने उक्त जानकारी देते हुए कहा कि बिचौलियों के समर्थन के कारण इनका हौसला इतना बढ़ गया है कि बात-बात पर उत्तर प्रदेश पुलिस के जवानों का बक्कल (बिल्ला) नोचने की बात करते हैं। इसका राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन कड़ा विरोध करती है। इन सब से पुलिस बल का भी मनोबल गिरता है। कल जिस प्रकार से लखनऊ में प्रेस-कांफ्रेस करके उत्तर प्रदेश की जनता एवं प्रशासन को धमकाने का काम किया गया है। वह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे बर्दाश्त- इसके विरोध में राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन इनके हिंसक और अराजक आन्दोलन को लखनऊ में किसी भी कीमत पर नहीं होने देगी और न ही राजधानी के मार्गो को बंधक बनाने देगी। अगर ये अराजकता फैलाने का प्रयास करेंगे, तो राष्ट्रीय अन्नदाता यूनियन राजधानी में ऐसे अराजक प्रदर्शन का पुरजोर विरोध करेगी और इनके मंसूबों को सफल नहीं होने देगी। लखनऊ एवं आसपास के जिलों के किसान भाईयों को एकत्र कर इनको मुँह तोड़ जवाब दिया जायेगा, जिससे दिल्ली जैसी अराजकता लखनऊ में न होने पाए।

Posted in , , ,

Leave a comment