मीडियाकर्मियों को त्योहारों की आड़ में महंगे गिफ्ट और पैकेट देकर सम्मान। मतदाताओं को कंबल व लिहाफ देकर लुभाने का सिलसिला शुरू। कोरोना काल में घरों में दुबके थे, अब निकले।
बिजनौर। विधानसभा चुनाव में जीत का परचम लहराने के लिए सेटिंग का दौर शुरू हो गया है। नेता भी गिरगिट की तरह रंग बदलने लगे हैं।

चुनाव आचार संहिता के डंक से बचने के लिए मतदाताओं को लुभाने से पहले संभावित प्रत्याशियों द्वारा पार्टी के हर छोटे बडे पदाधिकारियों और खासतौर पर मीडियाकर्मियों को त्योहारों की आड़ में महंगे गिफ्ट और पैकेट देकर सम्मान दिया जा रहा है। जबकि चुनावी नैया को पार उतारने में अहम भूमिका निभाने वाले मतदाताओं को कंबल व लिहाफ देकर लुभाने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रचार के नाम पर बडे बडे होर्डिंग लगाने के लिए पानी की तरह पैसा बहाने वाला कोई भी नेता लॉकडाउन में दाने-दाने को मोहताज इन गरीबों की मदद के लिए आगे आता दिखाई नहीं दिया। अधिकांश नेता कोरोना के डर से घरों में दुबके रहे। इतना ही नहीं क्षेत्र की बात तो दूर आसपास के पड़ोसी के दुःख में शामिल होना भी गंवारा नहीं समझा। अब हर प्रत्याशी और उनके समर्थक वार्ड के ऐसे परिवारों का खासतौर पर ख्याल रख रहे हैं, जिनके घर-परिवार में दस से अधिक वोट हैं। संभावित प्रत्याशी व उनके खास समर्थक गांव के बड़े बुजुर्गों का पैर छूकर जीत का आर्शीवाद लेने से नहीं चूक रहे हैं। कुल मिलाकर इतना कहा जा सकता है कि अब नेता गिरगिट की तरह रंग बदलने लगे हैं।
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