लखनऊ। चुनाव आयोग ने कोरोना संकट के फिर से उभरने की वजह से उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में निर्धारित समय से एक घंटा अधिक मतदान कराने सहित अन्य अहम फैसले किये हैं। दरअसल, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर आज चुनाव आयोग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुये आयोग ने निर्णय लिया है कि उत्तर प्रदेश मे मतदान की अवधि को एक घंटे के लिये बढ़ा दिया जाए।
चंद्रा की अगुवाई में आयोग के 13 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उप्र के तीन दिवसीय समीक्षा दौरे में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के अलावा विभिन्न जांच एजेंसियों सहित निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े अन्य पक्षकारों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद यह जानकारी दी। आयोग के प्रतिनिधि मंडल में देश के दोनों निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और डा. अनूप चंद्र पांडेय तथा चुनाव आयोग के महासचिव उमेश सिन्हा के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

चंद्रा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 14 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य में कुल 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 317 सामान्य, 84 अनुसूचित जातियों तथा 02 अनुसूचित जनजातियों के लिये आरक्षित विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इन सभी सीटों पर विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराये जाने हैं। उन्होंने बताया कि बैठक में शामिल हुए सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराते हुए समय से चुनाव संपन्न कराने की मांग की है। यह भी साफ किया गया कि आखिरी मतदाता सूची 5 जनवरी को आएगी, मतलब चुनाव की तारीखों का ऐलान उसके बाद ही होगा।
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