
श्रीकांत त्यागी के मामले को लेकर त्यागी समाज उद्वेलित। कलक्ट्रेट में, धरना प्रदर्शन कर दी चेतावनी। नोएडा के सांसद डॉ. महेश शर्मा के खिलाफ क्यों नहीं कार्रवाई? समाज को अपमानित करने का हक मीडिया को दिया किसने?
बिजनौर। श्रीकांत त्यागी कांड को लेकर त्यागी समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। दरअसल 05 अगस्त 2022 को नोएडा के ओमेक्स सोसाइटी सेक्टर-93 का विवाद दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है। श्रीकांत त्यागी की पत्नी को हिरासत में रखने तथा घर की बिजली, पानी की आपूर्ति बंद करने, संवेदना प्रकट करने पहुंचने वाले को गिरफ्तार करने से आक्रोशित त्यागी समाज ने मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन एडीएम को देकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
कलक्ट्रेट में त्यागी समाज का जोरदार प्रदर्शन
भारी संख्या में एकत्र त्यागी समाज के लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि श्रीकांत त्यागी के मामले में बढ़ा चढ़ाकर धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने मामले की जांच कर उचित धाराओं में कार्यवाही करने की मांग की।

महिला सम्मान की मंशा पर लगा प्रश्नचिन्ह
ज्ञापन में कहा गया कि श्रीकांत त्यागी की पत्नी को अवैध रूप से अमानवीय व्यवहार करते हुए पुरुष पुलिस थाने में हिरासत में रखने से महिला सम्मान पर प्रश्न चिन्ह लगा है। श्रीकांत त्यागी के घर की बिजली और पानी काट कर अनैतिक कार्य किया गया है, जिससे बच्चे सहमे हुए हैं। परिवार से मिलने समाज के जो व्यक्ति गए उन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, उन्हें तुरंत रिहा करने की भी मांग उठाई गई।
अभद्र भाषा प्रयोग करने पर सांसद के खिलाफ भी हो FIR
त्यागी समाज ने आठ सूत्रीय ज्ञापन में निष्पक्ष जांच की मांग करने के साथ ही कहा कि नोएडा सांसद डॉ. महेश शर्मा के खिलाफ भी पुलिस कमिश्नर को भारी भीड़ में अभद्र भाषा प्रयोग करने पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए।
समाज को अपमानित करने वाले मीडिया कर्मियों पर हो कार्रवाई– ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जिस महिला ने श्रीकांत के घर पर दंगा किया, उसकी भी उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। इसके अलावा देश की मीडिया ने जो त्यागी समाज को अभद्र भाषा से अपमानित किया है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। वहां की हरियाली और लगे हुए वृक्षों को अपने हाथ में कानून लेते हुए उखाड़ने वालों के विरुद्ध वन विभाग द्वारा कार्रवाई कराई जाए क्योंकि पेड़ों को विस्थापित करने का अधिकार सिर्फ वन विभाग को है।
कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन के दौरान इन्द्रजीत त्यागी, पराग त्यागी, नागेश त्यागी, मुदित त्यागी, राकेश त्यागी, मृणाल त्यागी, विकास त्यागी, शांति प्रकाश त्यागी, सुभाष चंद्र त्यागी, गौतम त्यागी, सौरभ मुनि त्यागी, अनिल त्यागी, राजपाल त्यागी, अनुनय भारद्वाज, सचिन भारद्वाज, ओमेंद्र त्यागी, अनुज त्यागी, पवन त्यागी, विक्की त्यागी, संदीप त्यागी, मनोज त्यागी आदि शामिल रहे।
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