दरोगा समेत 4 पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज। बिजनौर पेशी से लौटते शाहजहांपुर में हुई वारदात। खाना खाने के दौरान टॉयलेट के बहाने निकल भगा। बिजनौर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप

लखनऊ/ बिजनौर। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की जेल में बंद कुख्यात बदमाश आदित्य राणा पुलिस हिरासत से फरार हो गया। मंगलवार को लखनऊ पुलिस बिजनौर जिला अदालत में एक मुकदमे में पेशी के लिए राणा को लेकर आई थी। बिजनौर से वापस जाते हुए शाहजहांपुर में ढाबे पर खाना खाने के दौरान वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। राणा के फरार हो जाने से उसे हिरासत में लेकर चल रहे पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। आला अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी गई। सूचना पर रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र की पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। काफी देर तक तलाश की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। आदित्य राणा बिजनौर जिले के थाना स्योहारा के राणा नंगला गांव का रहने वाला है। उस पर लूट, हत्या, अपहरण, रंगदारी समेत तमाम संगीन धाराओं में 29 मुकदमे दर्ज हैं।

टॉयलेट करने के बहाने हुआ चंपत
आदित्य राणा को पेशी से वापस लेकर लखनऊ पुलिस लौट रही थी। शाहजहांपुर में रेड चिली ढाबे पर वह खाना खाने को रुके। इसी दौरान टॉयलेट करने के बहाने चकमा देकर वह फरार हो गया। देर रात फरार हुए अपराधी की तलाश में पुलिस लगातार तलाशी अभियान छेड़ दिया। इस मामले में लापरवाही बरतने के कारण दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

दरोगा समेत 4 पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज- सीओ अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लखनऊ और बिजनौर पुलिस को सूचना दे दी गई है। चार पुलिसकर्मियों और फरार कैदी आदित्य राणा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इसमें लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सब-इंस्पेक्टर दीपक कुमार, सिपाही अमित कुमार, रिंकू और चालक मनोज शामिल हैं।
2 दर्जन से अधिक मुकदमे हैं दर्ज- बिजनौर के स्योहारा निवासी आदित्य राणा पर दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। वह संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों को लेकर लखनऊ जेल में बंद था। राकेश, मुकेश के घर पर पुलिस तैनात कर दी गई है। इससे पहले 4 अगस्त 2017 को हत्या के आरोप में जेल में बंद आदित्य मुरादाबाद मे पेशी के लिए कचहरी स्थित सेशन कोर्ट से सिपाही की आंखों में मिर्च झोंक कर हथकड़ी सहित फरार हो गया था।

सुर्खियों में आया कब- स्योहारा थाना क्षेत्र के ग्राम राणा नंगला निवासी कुख्यात बदमाश आदित्य चौधरी गांव के ही दो सगे भाइयों राकेश व मुकेश की हत्या करके सुर्खियों में आ गया था। आदित्य ने पुलिस से मुखबिरी के शक में 14 अक्टूबर 2017 को गांव के पास ही मुकेश की गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी और फरार हो गया था। मामले की पैरवी मुकेश का भाई राकेश कर रहा था। फिर 27 सितंबर 2018 को आदित्य ने राकेश की भी हत्या कर दी। मुकेश हत्याकांड के पैरोकार राकेश की हत्या के मामले में मेरठ जेल में बंद आदित्य, उसकी बहन मोनिका समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

क्या हुआ था वर्ष 2017 में? गांव राणा नंगला निवासी राकेश की गांव बेरखेड़ा में बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। राकेश हत्याकांड में कुख्यात बदमाश आदित्य गैंग का नाम सामने आया था। आदित्य ने 14 अक्तूबर 2017 को राकेश के भाई मुकेश को पुलिस को मुखबिरी करने के शक में गोलियों से भून डाला था। मुकेश हत्याकांड की पैरवी उसका भाई राकेश कर रहा था। इस बात पर ही आदित्य गैंग ने राकेश का भी कत्ल कर दिया। मेरठ जेल में बंद आदित्य ने राकेश की हत्या की जिम्मेदारी अपने गैंग को दी थी। इस मामले में जेल में बंद आदित्य, उसकी बहन मोनिका, चाचा जयवीर, जयवीर के बेटे शुभम, दूसरे चचेरे भाई राहुल, आदित्य के भाई बिट्टू व रोबिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मोनिका पर पहले से ही अपने भाई आदित्य की मदद करने के आरोप लगते रहे थे। आदित्य के गैंग की कमान मोनिका के हाथ में रहती थी। आदित्य की फरारी के दौरान भी मोनिका ही गैंग को चला रही थी। राकेश की हत्या के बाद गांव राना नंगला व बेरखेड़ा में सन्नाटा पसर गया था ।
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