
सरकार के खिलाफ बिरादरी के झंडाबरदार बने प्रिंसिपल साहब। एसडीएम को ज्ञापन देने से किया इंकार। अड़ गए डीएम को बुलाने की मांग पर।
बिजनौर। महाभारत काल से महात्मा विदुर की धरती पर राजनीति साधारण सी बात है, लेकिन ये ऐसी भी बला है कि व्यक्ति आगापीछा नहीं सोचता। वह ऐसा तक कुछ कर जाता है, जो कानूनन उचित भी नहीं है। वह भी तब, जब कोई सरकारी विभाग में पदस्थ हो। ऐसा ही कुछ हो गया बिजनौर में। दरअसल एक प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य संजीव त्यागी ने बिरादरी के लिए अवकाश लेकर सरकार के खिलाफ ही बिगुल फूंक डाला।
हुआ यूं कि उत्तर प्रदेश प्रगतिशील त्यागी समाज के बैनर तले मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान नोएडा सांसद डॉ महेश शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। मामला तब बिगड़ा जब एसडीएम को ज्ञापन देने से इंकार करते हुए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर आंदोलनकारी अड़ गए। देर शाम जिलाधकारी तो मौके पर नहीं पहुंचे, लेकिन आंदोलकारियों को अपने कार्यालय बुला कर ज्ञापन ले लिया।

ज्ञापन के लिए तैयार पटकथा- उत्तर प्रदेश प्रगतिशील त्यागी समाज के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार त्यागी, महामंत्री रजत त्यागी व कोषाध्यक्ष अनिल त्यागी ने 05 सितम्बर 2022 को जिलाधिकारी से अनुमति मांगी थी कि 06 सितंबर को संगठन के शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर बैठक कर के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उन्हें सौंपा जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार संगठन के लोग मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंच गए। वहां पर एसडीएम मोहित कुमार ज्ञापन लेने पहुंचे। बताया गया है कि जिलाध्यक्ष संजीव त्यागी ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इंकार कर दिया और जिलाधकारी को ही मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। साथ ही कहा कि डीएम के आकर ज्ञापन लेने पर ही धरना प्रदर्शन समाप्त किया जाएगा।
लैटरहैड बदल गया एक ही दिन बाद! बाद में ज्ञापन त्यागी भूमिहार ब्राह्मण समाज मोर्चा चौ0 चरण सिंह पार्क मेरठ के लेटरहैड पर तैयार कराया गया। इसमें अनु त्यागी पत्नी श्रीकांत त्यागी की ओर से दिये गए आठ सूत्रीय ज्ञापन में नोएडा सांसद डॉ महेश शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। इस पर बिजनौर के राजा त्यागी के हस्ताक्षर हैं।

छुट्टी लेकर आंदोलन? वहीं संजीव त्यागी से खास बिरादरी को लेकर आंदोलन चलाने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि नियमानुसार एक वर्ष में 14 दिन का अवकाश ले सकते हैं। अभी वह अवकाश पर हैं।
विभाग के पास नहीं एप्लिकेशन- एबीएसए डॉ प्रभात ने दावा किया कि झलरा फरीदपुर भोरु के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य संजीव त्यागी के अवकाश पर होने का कोई भी रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं है। उनके संज्ञान में संजीव त्यागी द्वारा लिखित या ऑनलाइन अवकाश लेने संबंधी कोई जानकारी नहीं है।
प्रदर्शन करने वालों में संजीव त्यागी, संदीप त्यागी, तरुण त्यागी, राहुल त्यागी, पुलकित त्यागी, कामेश त्यागी, रामगोपाल त्यागी, नरेंद्र त्यागी, धीरेंद्र त्यागी, संदीप त्यागी, मनु त्यागी, राकेश त्यागी, नीरज त्यागी आदि शामिल रहे।
यहां यह बताना आवश्यक होगा कि राजनीतिक मैराथन में लगातार नित नए सोपान चढ़ रही भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन के भीतर किसी भी प्रकार का विवादित मुद्दा स्वीकार करने के मूड में नहीं है। श्रीकांत त्यागी और नोएडा सांसद महेश शर्मा के बीच के प्रकरण ने पार्टी संगठन को असहज स्थिति में धकेल दिया। आसन्न निकाय चुनाव और उसके बाद होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ही क्या, कोई भी पार्टी अपने परंपरागत वोटर को नाराज नहीं करना चाहती। यही कारण भी है कि डैमेज कंट्रोल के लिए श्रीकांत त्यागी व उनके परिजनों के साथ हुई ज्यादतियों को ध्यान में रख कर पार्टी अपने कदम फूंक फूंक कर रख रही है।
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