सिविल लाइंस में मनाया गया लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव

बिजनौर। सिविल लाइंस स्थित बीकानेर वाली गली में लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्रीमती मंजू शर्मा के निज निवास पर किया गया। उपलक्ष्य था श्री लड्डू गोपाल के जन्मदिन का। वैसे तो भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू धर्म में यह दिन बेहद ही खास और महत्वपूर्ण होता है। इसके बावजूद शनिवार 29 अक्तूबर चतुर्थी/पंचमी तिथि को जन्मदिन मनाने का कारण ये था कि एक वर्ष पूर्व इसी दिन लड्डू गोपाल का घर आगमन हुआ था। इसी कारण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दोपहर बाद महिला संगीत में भगवान के गीत व भजन प्रस्तुत किए गए। इसके बाद केक काटकर एक दूसरे को खिलाया गया। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती मंजू शर्मा, प्रीति, नरेश, निधि, जीतू, नेहा, इशिका, कनिष्का, रुद्र, हनी, परी, परी, सोना, सुनीता, रामादेवी, ऊषा बंसल, शालिनी, पूजा, प्राची उपस्थित रहे।
श्रीमती मंजू शर्मा ने बताया कि जब भी घर में बाल गोपाल स्थापित करें तो कुछ विशेष नियम का जरूर ध्यान रखें~

नियम से कराएं स्नान
बाल गोपाल को एक बच्चे की तरह ही रखना होता है। जिस तरह आप रोज स्नान करते हैं, उसी तरह आपको नियमित रूप से लड्डू गोपाल को भी स्नान करना होगा। लड्डू गोपाल को स्नान कराने के लिए दूध, दही, शहद, गंगाजल, घी का इस्तेमाल करना चाहिए। शंख में दूध, दही, गंगाजल और घी डालकर स्नान कराना चाहिए।
करें शिशु की तरह तैयार
बाल गोपाल को स्नान के बाद एक शिशु की तरह तैयार करना चाहिए। उनके नियमित रूप से वस्त्र बदलने चाहिए। यदि आप ऐसा न कर सकें तो पुराने वस्त्रों को धोकर पहनाएं और इसके बाद चंदन का टीका लगाएं।
नियमित भोग लगाएं
लड्डू गोपाल या बाल गोपाल को को नियमित रूप से 4 बार भोग लगाना चाहिए। भगवान श्री कृष्ण को सात्विक भोजन ही कराएं। आप रसोई में जो भी सात्विक भोजन पकाएं, उसका भोग लड्डू गोपाल को जरूर लगाएं। वैसे आप माखन-मिश्री, बूंदी के लड्डू, खीर और हलवे का प्रसाद भी चढ़ा सकते हैं। श्री कृष्ण को खीर अति प्रिय है।

रोज 4 बजे करें आरती
बाल गोपाल की नियमित रूप से आरती भी जरूर करें। बाल गोपाल को बेले के फूल और केला अति प्रिय हैं। आरती करते वक्त आप लड्डू गोपाल को यह चीजें जरूर अर्पित करें। दिन में चार बार लड्डू गोपाल की आरती करना अनिवार्य है।
कभी न छोड़ें अकेला
बाल गोपाल के शिशु रूप को घर में स्थापित करना मतलब नन्हे बालक को घर में रखना है। इसीलिए उनका ख्याल आपको बिलकुल वैसे ही रखना होगा, जैसे घर के छोटे बच्चे का रख जाता है। इसलिए घर में बाल गोपाल को कभी अकेला न छोड़ें। यदि आप लंबे समय के लिए कहीं जा रही हैं तो उन्हें संग लेकर जाएं और उनकी पूजा जरूर करें।
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