newsdaily24

update रहें…हर दम, हर पल

नगर पंचायत मंडावर में शान से हुआ करोड़ों का घोटाला!

तत्कालीन डीएम, सीडीओ, चार ईओ और तीन ठेकेदारों पर गंभीर आरोप

सपा से चेयरमैन आशिफ उर्फ “शान” के कार्यकाल सन 2012 से 17 के बीच का मामला

अंत्येष्टि स्थल, कान्हा पशु आश्रय स्थल और प्रकाश पब्लिक स्कूल से मंडी समिति तक इंटर लॉकिंग की जगह पक्की सड़क निर्माण में घपले की हुई शिकायत

अफसरशाही में दब कर रह गई शिकायतकर्ता की आवाज़

बिजनौर। नगर पंचायत मण्डावर के द्वारा कराए गए कार्यों में करोड़ों रुपए के घोटाले का मामला प्रकाश में आया है। यह मामला समाजवादी पार्टी के नेता और सभासद की पत्नी के कार्यकाल सन 2012 से 17 तक के बीच का बताया गया है। खास बात यह है कि इसमें तत्कालीन जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, चार अधिशासी अधिकारियों और तीन ठेकेदारों की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए सीबीआई जांच की मांग शिकायतकर्ता ने की है। मामला अंत्येष्टि स्थल, कान्हा पशु आश्रय स्थल के निर्माण और प्रकाश पब्लिक स्कूल से मंडी समिति तक इंटर लॉकिंग की जगह पक्की सड़क निर्माण से जुड़ा हुआ है। इन सभी में घोर अनियमितता कर शासन को कई करोड़ रुपए के राजस्व की क्षति पहुंचाई गई।

जानकारी के अनुसार एक शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री को दिनांक 02 फरवरी 2019 एवं भाजपा सांसद भारतेन्द्र सिंह को अवगत कराया गया कि समाजवादी पार्टी के नेता और सभासद की पत्नी के कार्यकाल सन 2012 से 17 तक के बीच घोटालों और अनियमितताओं की जांच को दबाया जा रहा है! शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर आनलाईन शिकायत कर कहा कि अंत्येष्टि स्थल का अधूरा निर्माण पीडब्लूडीए के द्वारा एक करोड़ 22 लाख रुपए में कराया गया। रोड पर साईड पटरी के नाम पर अवैध रूप से 5 करोड़ 87 लाख 97 हजार रुपए का कार्य तीन ठेकेदारों संजीव मदान निवासी सिविल लाइंस बिजनौर, शौकीन शाह निवासी ग्राम गजरौला शिव और अमित कुमार निवासी मोहल्ला जाटान बिजनौर ने कराया। यही नहीं कान्हा पशु आश्रय स्थल में भी उक्त ठेकेदारों ने शाह विलायत मण्डावर मोहम्मदपुर देवमल रोड बनाया। इसमें भी लाख रुपए का घोटाला किया गया। गंभीर आरोप ये है कि इस पूरे प्रकरण में समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में रहे डीएम जगत राज तथा मुख्य विकास अधिकारी इन्द्रमणि त्रिपाठी को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाया गया। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच सीबीआई से करने का अनुरोध किया। यह भी अवगत कराया कि अधिशासी अधिकारी गार्गी त्यागी ने भुगतान राशि में करोड़ों रुपए के जीएसटी, इनकम टैक्स की कोई जानकारी नहीं दी, जिसमें ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया है। इन सभी ठेकेदारों को जीएसटी, इनकम टैक्स काटकर कितना भुगतान किया गया इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई। यह सब कुछ शासन में बैठे अधिकारियों के कारण हुआ है, जिनको मोटी रिश्वत देकर शिकायत दबा ली जाती है।

आरोपों के क्रम में बताया कि नगर पंचायत मण्डावर में रहे पूर्व अधिशासी अधिकारी बिजेन्द्र पाल सिंह, सीमा रानी वर्मा, संदीप कुमार एवं मौजूदा ईओ गार्गी त्यागी, जो कि कोतवाली ब्लॉक में कार्यरत हैं। ईओ ने करोड़ों रुपए के गबन की शिकायत को छह माह तक दबाए रखा तथा शासन को गुमराह किया। डेढ़ वर्ष बीतने के बावजूद शासन को सही सूचना नहीं दी। ईओ मण्डावर गार्गी त्यागी ने फर्जी बोर्ड प्रस्ताव कर दिनांक 19 मार्च 2019 को नया सवेरा योजना में एक करोड़ 10 लाख 51 हजार 855 रुपए निकाल दिये, जिससे रिश्वत देने तथा नेताओं द्वारा जांच को दबाने में कामयाब हो गई। सूचना अधिकार अधिनियम द्वारा मांगी गई जानकारी में सम्बन्धित पत्रावली की कोई जानकारी नहीं दी गई। यह भी आरोप लगाया कि इसके अलावा भी जो ठेकेदार सपा सरकार में रहे, वो ही आज तक कार्य कर रहे हैं तथा चेयरमैन को लाभ पहुचाते हैं। नगर पंचायत मण्डावर में जल निगम द्वारा पूर्व में किए गए बोरिंग को भी मेन लाईन से नहीं जोड़ा गया, इस कारण पानी की समस्या आती रहती है। इस कार्य में भी लाखों रुपए का गबन किया गया। किसी भी शिकायत का कोई समाधान नहीं किया गया है। तत्कालीन जिलाधिकारी रमाकान्त पाण्डे ने इसी शिकायत से सम्बन्धित पत्रांक सं0-3092 विषेश सचिव अनुभाग-1 लखनऊ दिनांक 26 फरवरी 2020 को भेज दिया था। इसकी जांच सीबीआई से कराई जानी अति आवश्यक है।

कहानी अभी बाकी है…

Posted in , , ,

Leave a comment