कण्व ऋषि आश्रम के सांस्कृतिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए विकसित करने के निर्देश
कृषकों के लिए प्राकृतिक बांस और प्राकृतिक घास से निर्मित होगा प्रशिक्षण कक्ष
तालाब खुदवा कर लगाए जायेंगे कमल के पुष्प, वास करेंगे जंगली जीव


गोवंश के गोबर और मल मूत्र को जैविक कृषि के रूप में उपयोग किया जायेगा।
बिजनौर। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह द्वारा ग्राम रावली स्थित कण्व ऋषि आश्रम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा कण्व ऋषि आश्रम के सांस्कृतिक महत्व को दृष्टिगत रखते हुए इसको विकसित करने के निर्देश दिये गये।

कण्व ऋषि आश्रम में कृषकों के प्रशिक्षण के लिए प्राकृतिक बांस और प्राकृतिक घास से निर्मित एक प्रशिक्षण कक्ष बनाने के भी निर्देश उप जिलाधिकारी सदर बिजनौर को दिये गये। इसी के पास वीजामृत, जीवामृत और मल्चिंग के द्वारा प्राकृतिक कृषि के रूप में क्षेत्र को विकसित करने का निर्णय लिया गया। कण्व ऋषि आश्रम में एक तालाब खुदवा कर कमल के पुष्प लगाने और जंगली जीवों के वास के लिए तालाब विकसित करने एवं आश्रम में ही एक गौशाला बनाने के भी निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये।

साथ ही यहां निवासरत गोवंश के गोबर और मल मूत्र को जैविक कृषि के रूप में उपयोग किया जायेगा। जिलााधिकारी द्वारा अगले 15 दिन में तेजी से उक्त कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी बिजनौर मोहित कुमार एवं तहसीलदार बिजनौर अनुराग सिंह उपस्थित रहे।
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