हर हाल में 13 अगस्त तक जमा करें व्यय रजिस्टर
व्यय विवरण जमा न किया तो जब्त होगी प्रत्याशियों की जमानत राशि
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लखनऊ। यूपी निकाय चुनाव मैदान में उतरे उम्मीदवारों ने तीन महीने में खर्च का ब्यौरा नहीं दिया तो जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। उनके आगे चुनाव लड़ने पर भी रोक लगाई जा सकती है। नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन 2023 के तहत नगर पालिका व नगर पंचायत के अध्यक्ष एवं सदस्य का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को उनके द्वारा किए गए व्यय का सम्पूर्ण विवरण जमा करना होगा। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय सामान्य निर्वाचन-2023 में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को सूचित किया गया है कि जिन्होंने अब तक व्यय विवरण उपलब्ध नहीं कराया है, वे तत्काल संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर के माध्यम से मुख्य कोषाधिकारी के परीक्षणोपरांत जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें। निर्वाचित अथवा असफल उम्मीदवार जिन्होंने कुल वैध मतों के 1/5 अंश यानी 20 प्रतिशत तक मत प्राप्त किए हैं या जिन्होंने अपना समर्थन वापस ले लिया है, उनकी जमानत धनराशि नियमानुसार वापस होगी। इसके लिए उन्हें जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) में निर्धारित अवधि निर्वाचन परिणाम घोषणा की तिथि से तीन माह के अंदर अर्थात 13 अगस्त 2023 तक अनिवार्य रूप से व्यय विवरण रजिस्टर उपलब्ध कराना होगा। अन्यथा उनकी जमानत धनराशि जब्त मानी जाएगी।
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गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया शुरू होते समय प्रचार में खर्च करने की सीमा तय की थी। इसके अन्तर्गत हर प्रत्याशी को नामांकन के दौरान से ही अलग बैंक खाता खोलकर उसी में से चुनाव संबंधित खर्चे करने थे। वोटिंग और मतगणना खत्म होने के बाद तीन महीने के भीतर नामांकन से मतगणना तक खर्च का ब्यौरा संबंधित आरओ के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर निगरानी के लिए सभी डीएम/जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और वीडियोग्राफर की संयुक्त टीम यानि उड़नदस्ता बनाया गया, जिसे लगातार निगरानी करनी थी।
इसी तरह राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के खर्च की सीमा भी निर्धारित कर दी थी। इस बार खर्च सीमा महापौर प्रत्याशी के लिए 40 लाख, पार्षद के लिए तीन लाख, नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी के लिए नौ लाख, सदस्य नगर पालिका के लिए दो लाख, अध्यक्ष नगर पंचायत के लिए ढाई लाख और सदस्य नगर पंचायत उम्मीदवार 50 हजार रुपए तय की गई।
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